सुर्दशन टीवी के कार्यक्रम UPSC जिहाद पर सुप्रीम कोर्ट ने कही बड़ी बात , परमाणु मिसाइल से की कार्यक्रम की तुलना , लगाई रोक

Sudarshan TV

सुदर्शन टीवी पर UPSC जिहाद नाम के कार्यक्रम में लगातार एंकर ने विभाजनकारी एजेंडा चलाया। पहले यह मामला हाईकोर्ट पहुंचा हाई कोर्ट ने इस कार्यक्रम पर रोक लगाई। रोक लगाने के बाद इस कार्यक्रम को अनुमति दी गई। और इस कार्यक्रम में घटिया किस्म के ग्राफिक इस्तेमाल किए गए। बेबुनियाद बातों का इस कार्यक्रम में जिक्र हुआ जिसका कोई लेना-देना नहीं था। पहले तो सुदर्शन टीवी पर पाकिस्तान के बहाने मुस्लिमों को टारगेट किया जाता था।

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लेकिन स्थिति यह आ गई कि टीआरपी की होड़ में यूपीएससी में मुसलमानों पर घुसपैठ का आरोप लगा दिया। अगर छात्र अपनी मेहनत करके वहां तक पहुंच रहे हैं तो यह सुदर्शन टीवी उसे घुसपैठ साबित कर रहा है। और हद तो तब हुई जब इस कार्यक्रम में इस्लामिक स्टेट और अन्य आतंकवादी संगठनों को जोड़ा गया। जबकि इसके कोई प्रमाण मौजूद नहीं है और इसमें कहीं गई सब बातें बेबुनियाद थी।

सुप्रीम कोर्ट ने भी इस केस में सुनवाई करते हुए एक बड़ा बयान दिया। सुदर्शन टीवी जिस तरीके का विभाजन कारी एजेंडा चला रहा है देश उसके साथ नहीं हो सकता। जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ ने इस केस पर बड़ी बात कही । उन्होंने कहा कि सुदर्शन टीवी पर जो कार्यक्रम यूपीएससी जिहाद है वह किसी परमाणु मिसाइल से कम नहीं है और सुप्रीम कोर्ट ऐसे कार्यक्रम पर रोक लगा रहा है ।

सोचने वाली बात है कि देश में कोरोना वायरस संक्रमण कितनी तेजी से फैल रहा है हर रोज आने वाले कोरोनावायरस संक्रमित हमारी दुनिया में सबसे ज्यादा आ रहे हैं और आंकड़े प्रतिदिन लगभग एक लाख को छूने की कोशिश कर रहे हैं। लेकिन देश में समाज में इस तरीके के विभाजनकारी एजेंडे टीवी पर दिखाए जा रहे हैं। और इसी के चलते हुए सुप्रीम कोर्ट ने परमाणु मिसाइल जैसे कार्यक्रम यूपीएससी जिहाद पर रोक लगा दी