यूपी में फिल्म सिटी बनाने के बजाय यूपी के विकास दुबे , कुलदीप सिंह सेंगर और डॉक्टर कफील खान पर बने फिल्म , पढ़े खबर

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने यूपी में खूबसूरत फिल्म सिटी बनाने का ऐलान किया है। और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ यूपी के नोएडा में एक सुंदर फिल्म सिटी बनाना चाहते हैं। लेकिन यूपी में फिल्म सिटी बनाने के बजाय यूपी में जो मामले हुए हैं उन पर फिल्मकार फिल्म बनाएं। चाहे फिल्मकार विकास दुबे पर फिल्म बनाएं या कुलदीप सिंह सेंगर पर फिल्म बनाए या डॉक्टर कफील खान पर फिल्म बनाएं।

ऊपर तीनों लोगों में से फिल्मकार किसी पर भी फिल्म बना सकते हैं। अगर फिल्मकार विकास दुबे पर फिल्म बनाना चाहें तो भी उन्हें उस फिल्म में यह भी दिखाना पड़ेगा कि किस तरीके से विकास दुबे को सत्ता का संरक्षण मिलता रहा और अंत में जब जो जो सत्ताधारी नेता उसके संपर्क में था उसका राज खुलना चाहिए था लेकिन उससे पहले ही उसे खत्म कर दिया। लेकिन फिल्म में यह सारे राज खुलना चाहिए तभी फिल्म से लोगों को शिक्षा भी मिलेगी।

अगर फिल्मकार कुलदीप सिंह सेंगर पर फिल्म बनाना चाहे तो भी कहानी की स्क्रिप्ट बिल्कुल लिखी हुई है क्योंकि कुलदीप सिंह सेंगर मामले में भी 90 के दशक की फिल्मों की तरह ही हुआ है। फ़िल्म को अपनी फिल्मी कहानी में कुछ ढूंढने की जरूरत नहीं है सब कुछ उसके सामने है। लेकिन इस कहानी में मीडिया की भी भूमिका फिल्मकार को दिखानी पड़ेगी कि मीडिया कैसे पता की वाहवाही करता रहा और इस मामले पर बिल्कुल खामोश रहा।

 

हाल ही में हुए डॉ कफील खान वाले मामले पर भी फिल्मकार चाहे तो फिल्म बना सकते हैं इसमें भी स्क्रिप्ट लिखने की कोई जरूरत नहीं है। कुछ आपके सामने ही है। डॉ कफील खान किस तरीके से गरीबों की मदद में सबसे आगे रहते थे लेकिन जबसे उन्होंने बच्चों को बचाया था तभी से वह सरकार के निशाने पर आ गए थे। डॉ कफील खान पर जो आरोप लगे थे उनमें भी वह निर्दोष पाए गए। लेकिन आपको बता दें यूपी में फिल्म सिटी नहीं यूपी के मामलों पर फिल्म बनने की जरूरत है जिससे लोगों तक सच्चाई पहुंचे।