देखें : दाढ़ी रखकर राजनीति हो सकती है लेकिन पुलिस में नौकरी क्यों नहीं , सब-इंस्पेक्टर इंसार अली को दाढ़ी रखने की वजह से कर दिया सस्पेंड

इंसार

उत्तर प्रदेश पुलिस को एक अपने ही सिस्टम के दरोगा की दाढ़ी पसंद नहीं आई। क्योंकि उनका नाम इंसार अली है। सब इंस्पेक्टर इंसार अली को कई बार दाढ़ी हटाने के लिए चेतावनी भी दी। और यह भी कहा गया की दाढ़ी को अगर बढ़ाया ही जा रहा है तो उसके लिए अनुमति ली जाए। लेकिन सब इंस्पेक्टर इंसार अली को कई बार यह चेतावनी दी गई कि मैं अपने चेहरे पर से दाढ़ी को हटाने ले

राजनीतिक पार्टियों में ऐसे कई नेता मौजूद है जिनके वर्तमान के समय में बड़ी – बड़ी दाढ़ियां हैं । अब चाहे आप साक्षी महाराज को देख लो , उसके बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को देख लो , चाहे असदुद्दीन ओवैसी को देख लो और अन्य भी कई ऐसे नेता है जिनके बड़ी-बड़ी दाढ़ी है। और राजनीति में बने हुए हैं। लेकिन यह नेता जब दाढ़ी रखने के बारे में सोचेंगे तो क्या इन्हें अनुमति लेना पड़ेगी। यह तो एक शौक है। और दाढ़ी रखने या बाल बढ़ाने कि क्या अनुमति ली जाएगी।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जो देश के प्रधानमंत्री हैं सबसे ज्यादा लोकप्रियता रहता है सोशल मीडिया और गोदी मीडिया के चैनलों में बताया जाता है। लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने आपको लॉकडाउन से अब तक काफी बदल गया है प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अगर लॉकडाउन से पहले देखेंगे तो उनकी दाढ़ी बहुत छोटी छोटी थी लेकिन अब अगर आप देखेंगे तो साक्षी महाराज असदुद्दीन ओवैसी और सब इंस्पेक्टर इंसान अली के बराबर ही होगी।

अब बात यहाँ भी आ जाती है कि यूपी पुलिस सब इंस्पेक्टर इंसार अली की दाढ़ी को किस नजर से देखती है। सब इंस्पेक्टर अंसार अली बागपत के रमाला थाने में तैनात थे। और फिर दाढ़ी रखने के लिए अनुमति नहीं लेने पर उन्हें निलंबित कर दिया । लेकिन पुलिस प्रशासन में राजनीति में और ऐसे सरकारी विभागों में कई लोग हैं जो अपनी दाढ़ियां रखते हैं लेकिन वहां तो किसी को कोई एतराज नहीं।

लेकिन आप यह भी देख सकते हैं कि आप अगर रोड पर मोटरसाइकिल को लेकर जाएंगे और अगर आप लुंगी पहने हुए हैं तो आपका चालान कट सकता है लेकिन राजनेता लुंगी पहनकर राजनीति कर रहे हैं बड़े-बड़े पदों पर बने हुए हैं। यूपी पुलिस को यह सोचना चाहिए की दाढ़ी तो कोई भी रख सकता है। हमारे देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपनी दाढ़ी को बढ़ाया था तो क्या उन्होंने देश की जनता से अनुमति मांगी थी।