शाहीन बाग़ वाली दादी किसानों के प्रदर्शन में शामिल होने पहुंची , तो दिल्ली पुलिस ने दादी को वापस भेज दिया आखिर दादी से इतना डर क्यों

शाहीन बाग़ वाली दादी को तो आप जानते ही होंगे। शाहीन बाग वाली दादी बिलकिस बानो देश में चल रहे किसानों के आंदोलन में शामिल होने आए थी। लेकिन दिल्ली पुलिस ने शाहीन बाग वाली दादी को वापस भेज दिया। लेकिन सवाल यह है कि भारतीय जनता पार्टी को एक बुजुर्ग दादी से डर कैसा हालांकि शाहीन बाग वाली दादी बिलकिस बानो जब देश में नागरिकता संशोधन कानून के विरोध में प्रदर्शन हुए थे उस वक्त शाहीन बाग़ वाली दादी सुर्खियों में आई थी।

और यही नहीं 2020 में टाइम मैगजीन ने 100 प्रतिभाशाली लोगों की सूची में भी शाहीन बाग की दादी बिलकिस बानो को शामिल किया गया था। और इसके बाद सोशल मीडिया पर टाइम मैगजीन को बॉयकॉट करने लगे थे। सोशल मीडिया पर टाइम मैगजीन के बॉयकॉट के उस वक्त ट्रेंड चलने लगे थे क्योंकि उस मैगजीन ने शाहीन बाग में नागरिकता संशोधन कानून के विरोध प्रदर्शन में आंदोलन करने वाली दादी का नाम शामिल कर लिया था।

लेकिन आखिरकार जिस तरीके से देश में इस वक्त किसान अपनी समस्याओं को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं वहीं सरकार अपने बिल के गोदी मीडिया के द्वारा फायदे सुनबाये जा रहे हैं। देश के सभी राज्यों के किसान इस आंदोलन में हिस्सा ले रहे हैं और ऐसा ही नहीं है कई ऐसे संगठन है जो इन किसानों की मदद के लिए उतर आए हैं इनके खाने पीने की व्यवस्था भी कर रहे हैं । और अब बहुत से किसान इस विरोध प्रदर्शन में हिस्सा बन गए हैं।

लेकिन शाहीन बाग वाली दादी बिलकिस बानो एक बार फिर चर्चा में आ गई हैं वे जब किसानों के आंदोलन के बीच जा पहुंची। शाहीन बाग वाली दादी किसानों के उन आंदोलन के बीच पहुंची उसके बाद शाहीन बाग वाली दादी बिलकिस बानो को गिरफ़्तार कर लिया गया और उन्हें वापस भेज दिया गया सोशल मीडिया पर अब लोग सरकार से सवाल यह पूछ रहे हैं क्या आखिरकार दादी से क्यों डरती है भारतीय जनता पार्टी की सरकार।