बड़ी खबर : पूरे देश के किसानों ने कृषि बिल को लेकर आंदोलन , लेकिन बड़े-बड़े न्यूज़ चैनल इस खबर पर एक आर्टिकल भी नहीं लिख पाए

आज पूरे देश के किसान कृषि बिल को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। किसानों ने रेल की पटरी ऊपर बैठ बैठ गए हैं। किसानों के रेल की पटरियों पर बैठने के कारण 14 ट्रेनों को कैंसिल कर दिया गया है। किसानों के प्रदर्शन के वीडियो सोशल मीडिया पर लोग अपलोड कर रहे हैं जो लोग किसानों के समर्थन में हैं वह उस वीडियो को शेयर कर रहे हैं लेकिन किसानों की वीडियो सोशल मीडिया पर तो दिखाई दे रही है।

लेकिन बड़े बड़े न्यूज़ चैनल पर अब भी बॉलीवुड को लेकर खुलासे हो रहे हैं और यह बॉलीवुड का खुलासा लगभग पिछले 15 दिन से हो रहा है। पहले भी जब सड़कों पर बेरोजगारी को लेकर छात्र आए थे तब भी इस खबर को बड़े-बड़े चैनलों ने छुपाया था। और जब आज पूरे देश के किसान प्रदर्शन कर रहे हैं तो वह चैनल नंबर वन होने का दावा करते हैं वह इस खबर पर चर्चा करना तो बहुत दूर किसानों की इस खबर पर एक आर्टिकल भी नहीं छाप पाए।

आप जी न्यूज के फेसबुक पेज पर जाइए स्क्रॉल कर कर आज के आर्टिकल देखिए तो आपको मालूम पड़ेगा कि जी न्यूज ने किसानों के लिए क्या आवाज उठाई है। किसानों के प्रदर्शन की वीडियो इन बड़े-बड़े न्यूज़ चैनल तक नहीं पहुंच पाती है। और सबसे बड़ी बात विपक्षी पार्टियां भी इस आंदोलन में किसानों का सहयोग कर रहे हैं। और एक मजबूत लोकतंत्र में विपक्ष की यही भूमिका होती है कि वह जनता से जुड़े मुद्दे पर मौजूदा सरकार को घेरे । लेकिन टीवी से तो किसानों का मुद्दा ही गायब कर दिया गया।

एनडीटीवी ने किसानों को लेकर लगातार कवरेज की। और किसानों की बात को देश की जनता तक पहुंचाने का काम किया। लेकिन मोदी मीडिया के चैनलों में क्या हो रहा है। आपने एक वीडियो तो देखा ही होगा रिपब्लिक टीवी की एक एंकर दीपिका पादुकोण की गाड़ी के बराबर में से चिल्लाती हुई नजर आ रही थी। लेकिन कृषि बिल को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ऐतिहासिक बताया। यह बिल किसानों के लिए फायदेमंद होता तो किसान क्यों आंदोलन करते।

वहीं देश के किसान रेल की पटरियों पर टेंट लगाकर खाट बिछाकर आंदोलन कर रहे हैं। आज मीडिया देश के अन्नदाता किसानों के प्रदर्शन पर बिल्कुल खामोश है। 2014 से पहले अगर देश में किसी भी कोने पर प्रदर्शन होता था तो मीडिया सबसे पहले कवर करता था और एक स्वस्थ मीडिया का कर्तव्य भी यही होता है कि जो प्रदर्शन कर रहा है उसकी सुनी जाए उसकी बात को पूरे देश को दिखाया जाए। लेकिन आज का जमाना बदल गया है।

आज का मीडिया देश के अन्नदाता किसानों से ज्यादा बॉलीवुड पर कवरेज कर रहा है। अब तो गोदी मीडिया ने कोरोनावायरस पर भी चर्चा करना बंद कर दी है। पिछले काफी दिनों से सुशांत सिंह राजपूत को लेकर मीडिया पर जबरदस्त कवरेज चल रही है। और इसी के साथ-साथ बिहार में चुनाव भी होने वाले हैं उन पर लगातार कवरेज हो रही है कि इस बार कौन मुख्यमंत्री बनने वाला है। किसानों ने ट्रैक्टर ट्राली में बैठ कर प्रदर्शन किया।

लेकिन सबसे बड़ी बात यह है कि पूरे देश में किसानों ने आंदोलन किया लेकिन जो न्यूज़ चैनल नंबर वन होने का दावा करते हैं। क्या उन चैनलों तक किसानों की प्रदर्शन की वीडियो नहीं पहुंच पाई। गोदी मीडिया पर किसानों की खबर को दिखाया भी गया तो तेज रफ्तार में दिखा कर समाप्त कर दिया जैसे कोई फ्लैश न्यूज़ आई और चली गई। लेकिन गोदी मीडिया चैनल इस पर आर्टिकल भी नहीं लिख पाए।