बड़ी खबर : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और जी न्यूज़ ने निलंबित सांसदों को चाय पीने की दी गलत जानकारी , जबकि उन 8 सांसदों ने चाय पीने से कर दिया था इंकार

जब से यह किसानों को लेकर बिल पास हुआ है तबसे गोदी मीडिया के चैनल इस बिल को समझाने में लगे हुए हैं कि कैसे किसानों को फायदा होगा। और इसी बिल के विरोध में यह आठ निलंबित सांसद संसद भवन के सामने गांधी जी की प्रतिमा के पास कल रात से धरने पर बैठ गए । इन सांसदों की यही मांग थी कि किसानों को लेकर यह काला कानून वापस हो। और इस बिल को लेकर किसान भी प्रदर्शन कर रहे हैं।

लेकिन मुख्यधारा का जो मीडिया है ना वह दिन रात इस बिल को समझा रहा है कि कैसे किसानों को फायदा होगा लेकिन इस दिल की हकीकत ही कुछ और है। 8 सांसदों ने रात बिताई सुबह हुई तो राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश इन आठों सांसदों को चाय लेकर गए। यह घर से ही एक झोला लेकर आए थे जिसमें चाय थी । जैसे ही चाय निकालकर इन सांसदों को पीने के लिए कहा गया इन सभी सांसदों ने चाय पीने से इंकार कर दिया।

लेकिन इसके बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ट्विटर पर ट्वीट करते हैं। उस ट्वीट में आप गौर से देखिए सबसे नीचे की लाइन में लिखा हुआ है कि राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश जी ने उन आठ निलंबित सांसदों को जाकर सुबह-सुबह चाय पिलाई लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ-साथ कई मीडिया में ये आर्टिकल छप गए कि सांसदों को हरिवंश जी ने चाय पिलाई। लेकिन हकीकत यह है कि उन 8 संसद ने हरिवंश जी की चाय नहीं पी थी ।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दूसरा ट्वीट करते हैं और कहीं ना कहीं भी बिहार की तारीफ करते हुए नजर आ रहे हैं क्योंकि जो शख्स चाय पिलाने गए थे वह बिहार के हैं और बिहार में कुछ दिनों बाद चुनाव भी है तैयारियां जोरों शोरों पर चल रही हैं इसीलिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्वीट किया और उसमें उन्होंने बिहार की खूब प्रशंसा की और उस ट्वीट में हरिवंश जी का भी जिक्र किया। ट्वीट में बिहार की भूमि को महान बताया और यह तक कह दिया कि बिहार की भूमि लोकतंत्र के मूल्यों को सिखाती है।

लेकिन चाय की जब चर्चा देश में हुई तब जी न्यूज़ ने भी एक आर्टिकल लिखा जिसमें साफ-साफ लिखा गया था कि उन्होंने चाय पिलाई। लेकिन एक बार आपको फिर बता दें कि उन 8 सांसद ने हरिवंश जी जो चाय लेकर गए थे उनकी चाय पीने से इंकार कर दिया था। तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी ट्वीट किया था कि उन्होंने चाय पिलाई प्रशंसा करना शुरू कर दिया था और फिर कहीं ना कहीं उन्होंने बिहार से जोड़ दिया।

और बिहार का जिक्र तो आप जानते ही हैं मीडिया में भी चर्चा पर है सुशांत सिंह राजपूत को लेकर अब भी मीडिया लगातार खुलासे कर रहा है लेकिन उसके कोई प्रमाण नहीं है। लेकिन किसान प्रदर्शन कर रहे हैं खबर इन गोदी मीडिया के चैनलों के प्राइम टाइम का हिस्सा नहीं बन पाई। सुशांत सिंह राजपूत पर लगातार कवरेज हो रही है क्या किसान की आत्मह त्या पर कभी कवरेज हुई है। किसानों की भी जांच होनी चाहिए कि आखिरकार उन्होंने यह कदम क्यों उठाया

लेकिन बात तो यह है कि किसानों के मुद्दों से कोई फायदा नहीं होगा बल्कि किसानों कि अगर जांच हुई तो कहीं ना कहीं सरकार पर सवाल उठेंगे कि आखिरकार किसान ऐसा करने को क्यों मजबूर हुए। लेकिन जो 8 निलंबित सांसद संसद के सामने बैठ गए थे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यह जानकारी दी थी की हरिवंश जी ने चाय पिलाई और जी न्यूज़ ने भी यह जानकारी दी थी कि हरिवंश जी ने चाय पिलाई लेकिन इन 8 सांसदों ने चाय नही पी थी ।