नोटबंदी को किए हुए 4 साल हो गए लेकिन आज तक काले धन का कोई अता पता नहीं , नोट बंदी को लेकर किए गए थे बड़े-बड़े दावे

नोटबंदी

जब देश में नोटबंदी की गई थी तब बड़े-बड़े दावे किए गए थे कि देश में काला धन वापस आएगा आतंकवाद खत्म होगा बड़े-बड़े उद्योगपति जो विदेश में पैसा काला धन जमा कर रहे हैं तो सब पैसा वापस आएगा लेकिन नोटबंदी को किए हुए 4 साल हो गए और उन नोटबंदी की तस्वीरें भी आपने देखी होंगी की कि लोगों ने लाइनों में लगकर किस तरीके से बैंकों के चक्कर लगाएं है। लेकिन उसी वक्त टीवी में बैठकर गोदी मीडिया के चाटुकार भी बड़े-बड़े दावे कर रहे थे कि नोटबंदी से भारत को बहुत बड़ा फायदा होने वाला है।

ज़ी न्यूज के एंकर ने इस नोट बंदी को लेकर एक पूरा शो किया जिसमें बताया गया कि 2000 के जो नोट नया रहे हैं उसमें एक चिप लगी होगी अगर इस नोट को कोई अंदर जमीन में भी दबा देगा तो भी इसका सिग्नल इनकम टैक्स डिपार्टमेंट के पास पहुंच जाएगा और आप काले धन को नहीं रख सकते । और इस नोट बंदी को लेकर बड़े-बड़े दावे किए गए लेकिन आज तक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जिस कालेधन की बात की थी आज तक उस काले धन का कोई अता-पता नहीं है।

आपको वह भी ध्यान होगा जब नोटबंदी के समय है लोग लाइनों में लग रहे थे तमाम तरीके के वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे थे कि किस तरीके से लोगों को लाइन में लगना पड़ रहा है और उसके बाद ऐसी तस्वीरें लॉकडाउन के समय में हमें देखने को सड़कों पर मिली थी या मजदूर वर्ग के लोग पैदल अपने घरों को यात्राएं कर रहे थे। लेकिन उस समय जब नोट बंदी को किया गया था तब उस समय भी लोगों के पास पैसों की किल्लत हुई थी।

लेकिन आपको बता दें जब 4 साल पहले नोटबंदी का गलत फैसला लिया गया था उसी दिन बर्बादी शुरू हो गई थी। क्योंकि उस गलत फैसले से आज तक हमारी देश की अर्थव्यवस्था संभल नहीं पाई है और यह मूर्खतापूर्ण फैसला लेने को भी गोदी मीडिया ने सही ठहराया लेकिन आज तक इसका फायदा कहां गया या काला धन देश में आया नहीं आया किसी को कोई पता नहीं अब तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस नोट बंदी पर चर्चा भी करना नहीं चाहते और वह भी चर्चा करना नहीं चाहते जो नोट बंदी को लेकर बड़े-बड़े दावे कर रहे थे।

जिन लोगों ने अपने मेहनत से धन को जमा किया गया था। और उसके बाद एक फैसला आता है कि यह सारे पैसे खराब हो गए अब यह पैसे बाजार में नहीं चलने लायक बचे इनको बैंक में जमा करना होगा और उनके बदले में एक नया नोट मिलेगा इसमें एक चिप लगी होगी। यह चेक वाली बात हमारे गोदी मीडिया के चैनल लगातार चैनल पर बता रहे थे लेकिन जो हकीकत लाइनों में लोगों के साथ झेलनी पड़ रही थी उनसे गोदी मीडिया काफी दूर था उसकी कवरेज ही नहीं दिखाई कि किस तरीके से लोगों को लाइन में मशक्कत उठानी पड़ रही है।

जब नोट बंदी का फैसला लिया गया तो 2000 का नोट आया और उस वक्त 500 और 1000 के नोट नहीं आए थे बल्कि 500 और 1000 के नोट को बंद कर दिया गया था लेकिन सौ का नोट फिर भी चल रहा था। बैंकों के पास लोगों के लिए देने के लिए पैसा नहीं था लोग लाइनों में लगकर पूरा पूरा दिन गुजार रहे थे लेकिन फिर भी बैंक में अंदर घुस नहीं पा रहे थे। लोगों की मजदूरी काम धंधा सब उन दिनों में खो गया। लेकिन गोदी मीडिया पर बैठकर एंकर और भारतीय जनता पार्टी के प्रवक्ता इस नोट बंदी को लेकर पड़े पड़े दावे कर रहे थे।

नोटबंदी जैसे मूर्खतापूर्ण फैसले लेने से देश की अर्थव्यवस्था लगातार गिरती गई जो छोटे लघु उद्योग थे वे सब बैठ गए । और फिर देश में लगातार बेरोजगारी बढ़ती गई आज यह हालत हो गई है कि बेरोजगारों की संख्या हमारे देश में लगातार बढ़ रही है नोटबंदी के जैसा ही फैसला कोरोना के समय में गलत प्लान के हिसाब से लॉकडाउन लगाया गया। लेकिन उस वक्त भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी टीवी पर आकर कह कर चले गए उसके बाद देश की जनता पैदल चलने लगी।

इस नोट बंदी जैसे मूर्खतापूर्ण वाले फैसले को गोदी मीडिया ने ऐतिहासिक फैसला बताया सबसे बड़ी बात यह है यह गोदी मीडिया ने इस नोट बंदी को लेकर ना जाने कौन-कौन सी खबरें लोगों को दिखाई । लेकिन लोग नोटबंदी से उभर पाते और अपने व्यापार को खड़ा कर पाते। इसके बाद ही जीएसटी आ गई और जीएसटी के फायदे भी गोदी मीडिया के एंकर बताने लगे इससे भी देश को फायदा होगा लेकिन वह फायदा है कहां यह बताने को कोई तैयार नहीं है।

नोटबंदी लॉकडाउन जीएसटी इन सभी फैसलों पर लगातार फायदे बताए गए हैं लेकिन वह फायदे कहां हैं और कैसे हुए देश को क्या फायदा हुआ इसका किसी को कोई पता नहीं और ना ही कोई बताने को तैयार है बस सब हवा-हवाई बातें की जा रही हैं नोटबंदी से यह काला धन आएगा विदेश में जो लोग बैठे हैं उनसे धन आएगा देश का फायदा होगा यह होगा वह होगा। लेकिन आज तक सभी बातें हवा हवाई निकली।

नोटबंदी

लेकिन सबसे बड़ी बात यह है कि यह नोटबंदी जीएसटी सभी फैसले गलत साबित हुए हैं लेकिन गोदी मीडिया के कानों में अभी तक जूँ नही रेंगी। और उसके बाद क्या हुआ नए आने वाले नोटों के बारे में भविष्यवाणी करने लगे बताने लगे कि 2000 के नोट में चिप होगी जिससे काला धन और कालाबाजारी रुकेगी और देश में काला धन वापस आएगा लेकिन ना तो कालाबाजारी रुकी और ना ही देश में काला धन वापस आया।