कृषि कानून का लाभ किसान नहीं समझ पाए , सीएए का लाभ मुसलमान नहीं समझ पाए , जीएसटी का लाभ ………..

इस देश में सरकार ने कई फैसले लिए लेकिन लोगों के समझ में ही नहीं आए लोगों ने जब उस पर सवाल किए को समझाने के बजाय उन्हें कुछ और ही बता दिया गया मोदी सरकार ने नोट बंदी का फैसला लिया था और उस नोटबंदी का फैसला लेने के बाद क्या देश को फायदा हुआ उसका आज तक किसी को कोई पता नहीं। आज भी गोदी मीडिया के एंकरों द्वारा किए गए दावे यूट्यूब पर मौजूद होंगे जो नोटबंदी के फायदे गिना रहे थे।

नोटबंदी को तो लोग समझ ही नहीं पाए कि आखिरकार से कौन सा फायदा होने वाला है जीएसटी का लाभ भी व्यापारी नहीं समझ पाए लेकिन फिर भी लगातार व्हाट्सएप के जरिए जीएसटी का और नोटबंदी का लाभ समझाया जा रहा था। और फिर क्या था सीएए कानून लेकर आए और उस कानून को भी लोग नहीं समझ पा रहे थे। और उसके बाद भी सीएए के खिलाफ विरोध प्रदर्शन भी हुए थे। और उस विरोध प्रदर्शन को भी न जाने क्या क्या बताया गया था।

और फिर कृषि कानून भी आ गया किसी कानून को भी एंकर समझाने की कोशिश कर रहे हैं बताने की कोशिश कर रहे हैं कि यह जो किसानों का कानून आया है यह किसानों को बहुत फायदा पहुंचाएगा लेकिन क्या फायदा पहुंचाएगा इसका किसी को कोई पता सिरा नहीं सब हवा-हवाई बातें हो रही है । लेकिन एक बात तो देखी होगी जिन लोगों ने कभी खेती की ही ना हो और खेती के बारे में जानते भी ना हो वह भी व्हाट्सएप के जरिए कृषि कानून के फायदे किसानों को बताने की कोशिश कर रहे हैं।

हालात ये हैं कि देश का किसान अब सर्द रातों में ठंडी सड़कों पर बैठकर इस काले कानून वापस लेने की मांग कर रहा है और इसको लेकर सड़कों पर बैठकर देश के कोने-कोने से किसान आंदोलन कर रहे हैं। और इस काले कानून को वापस लेने की मांग कर रहे हैं। और किसान लगातार सर्दियों में भी इस आंदोलन को आगे बढ़ा रहे हैं जब तक सरकार इस काले कानून को वापस नहीं लेगी। तब तक किसानों का यह आंदोलन जारी रहेगा।