किसान आंदोलन करते करते ना जाने कहां से कहां पहुंच गया , लेकिन 2014 से पहले आंदोलन करने वाले अन्ना हजारे कहां सो रहे हैं

जब देश में अन्ना आंदोलन हुआ था। और लोग ही उस अन्ना आंदोलन में शामिल हुए थे उस वक्त देश में कांग्रेस पार्टी की सरकार थी उस वक्त मीडिया चैनल सरकार से सवाल पूछते थे हालांकि आंदोलन उस वक्त हुए थे लेकिन किसी न्यूज़ चैनल में इन प्रदर्शन करने वालों को देशद्रोही नहीं बताया पाकिस्तानी नहीं बताया। लेकिन जब आज कुछ उसी तरीके का आंदोलन देश में हो रहा है तब मीडिया चैनल उन्हें देशद्रोही बताने में जुट गए।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी अपने टविटर अकाउंट से 26 मार्च 2014 को एक ट्वीट किया था उसमें वह कुछ शास्त्री जी के बारे में कहते हुए बताया है की जय जवान और जय किसान कांग्रेस पार्टी का यह नारा है लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उस नारे को कुछ अलग ही तरीके से पेश किया लेकिन अगर यह नारा आज के समय में देखा जाए तो इस नारे में और किसानों की स्थिति में कोई फर्क नहीं दिखता है।

ध्यान देने वाली बात है जब उस वक्त देश में अन्ना आंदोलन हुआ था तब देश के किसी मीडिया ने अन्ना आंदोलन करने वालों को देशद्रोही नहीं कहा था बल्कि उनके साथ मीडिया भी खड़ा था और विपक्ष के लोग ही खड़े थे और यही तो मुद्दे होते हैं जिससे मीडिया और विपक्ष के लोग सरकार से सवाल करते हैं। लेकिन ऐसा 2014 से पहले भी हुआ था जब मीडिया के लोग सरकार से सवाल करते थे और विपक्ष के लोग प्रदर्शन भी करते थे।

जब  किसान सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन कर रहे थे तब पहले तो यह सोचा गया कि उन किसानों को किसी तरकीब से रोका जाए उनके लिए पहले तो एक सरहद जैसी तार को लपेट कर एक दीवार बनाई गई जिसे देखने में ऐसा लग रहा हो जैसे इंडिया पाकिस्तान की सरहद। दूसरी ओर से किसान आ रहे थे सोशल मीडिया पर एक वीडियो और भी वायरल हुआ था जिसमें किसानों को रोकने के लिए पुलिस ने गड्ढे तक खोद दिए थे।

यानी किसी तरीके से किसान आगे की ओर ना बढ़ पाए और वहीं से लौट जाएं लेकिन वह ठहरे किसान किसान को अपने साथ खाने का सामान बंदोबस्त करके ही आए थे। आखिरकार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के कई बार बात की किसानों के लिए रैलियों में किसानों को भाषण सुनाएं हालांकि एक प्रोग्राम के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यह भी कहा था कि पहले से किसानों की आय दोगुनी हो गई है लेकिन जब इस बारे में पड़ताल की तो सब प्रोपेगेंडा निकला।

और बाद में एक किसान की आय दोगुनी की पड़ताल करने वाले पत्रकार को ही नौकरी से निकाल दिया था। लेकिन देश में पहले जब अन्ना आंदोलन हुआ था कि देश की जनता ने भी उस अन्ना आंदोलन का समर्थन किया था बड़ी-बड़ी बातें और अन्ना आंदोलन में भी कही गई थी कि देश में भ्रष्टाचार खत्म होगा और काला धन वापस आएगा महंगाई लगातार उस समय भी पढ़ रही थी लेकिन इतनी नहीं थी कि आज के समय में बढ़ रही है।

इतिहास में कभी ऐसा नहीं हुआ कि पेट्रोल से आगे डीजल निकल गया हो लेकिन ऐसा 2014 के बाद मोदी सरकार में यह देखने को मिला था जो पहले विज्ञापनों में यह कहा जाता था कि बहुत हुई महंगाई की मार अबकी बार मोदी सरकार। लेकिन हकीकत अगर देखी जाए तो यह सब जुमले ही निकले और रैलियों में कहे गए भाषण तो वह तो जुमले ही दिखाई देते हैं। देशभक्ति अन्ना आंदोलन चल रहा था उस वक्त हमारे देश में आमिर खान की एक फिल्म आई।

उस फिल्म का नाम था पीपली लाइव। उस समय उस फिल्म का एक गाना बहुत वायरल हुआ था जिसने महंगाई का जिक्र था कि महंगाई डायन खाए जात है। लेकिन उस वक्त महगाई को यह नाम दिया जाता था आज तो महंगाई आसमान छू रही है चाहे वह किसी भी क्षेत्र में देखा जाए । देश के लोगों को हर रोज उपयोग में आने वाला डीजल और पेट्रोल के दाम लगातार बढ़ रही है मीडिया इस पर चर्चा करने को तैयार नहीं है। लेकिन आज के समय में भी रोजाना इस्तेमाल होने वाला गाड़ियों में डीजल पेट्रोल के दाम लगातार बढ़ रहे हैं।

वीडियो भी बार हुआ था जो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कहते हुए सुनाई दे रहे थे कि डीजल पेट्रोल के दाम कम हुए कि नहीं हुए । लेकिन अगर हकीकत देखी जाए तो जो अन्ना आंदोलन हुआ था उस आंदोलन से देश की जनता को मूर्ख बनाया गया था। और हकीकत यह है कि भ्रष्टाचार उस समय से ज्यादा है महंगाई भी लगातार तेजी से बढ़ रही है कोरोनावायरस से भी देश में कोई कंट्रोल नहीं है दोबारा से भारत में कोरोनावायरस बढ़ रहा है। और सरकार कहां सरकार बनाने पर ही है।

लेकिन सोचने वाली बात यह है कि 2014 से पहले आंदोलन करने वाले अन्ना हजारे जब से मोदी सरकार आई है तब से गायब है क्या तब से देश में महंगाई में बड़ी भ्रष्टाचार नहीं हुआ निजीकरण नहीं हुआ क्या लेकिन फिर भी जी न जाने अन्ना हजारे कौन सी नींद में सोए हुए हैं। जिससे आज तक वह नहीं जान पाए हैं। लेकिन वह भी हमसे क्यों नहीं जा पाए हैं इसका मतलब बिल्कुल साफ है कि उस आंदोलन से कहीं ना कहीं देश की जनता को मूर्ख बनाया गया था।