कल एक बार फिर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश की जनता को सुनाएंगे अपने मन की बात , लेकिन किसानों के मन की बात कब सुनेंगे

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कल एक बार फिर देश की जनता को अपने मन की बात सुबह 11:00 बजे सुनाएंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लॉकडाउन के समय में भी देश की जनता को मन की बात सुनाई। लेकिन जब देश के युवाओं में बेरोजगारी बढ़ती गई और लोगों की नौकरियां जाती रही देश का युवा बेरोजगार होता रहा तब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मन की बात कार्यक्रम को वही बेरोजगार युवा डिसलाइक करने लगे।

लेकिन जब मन की बात कार्यक्रम को डिसलाइक किया गया तब भारतीय जनता पार्टी के नेता यह कहने लगे । यह डिसलाइक भारत से नहीं बल्कि विदेश से हो रहे हैं और उन्होंने तुर्की का नाम लिया था लेकिन इसके बाद जो छात्र रोजगार को लेकर सरकार से सवाल कर रहे थे फिर उन्होंने कमेंट में आकर खुद बताया कि वह छात्र जो वीडियो को डिसलाइक कर रहे हैं वह कहां के रहने वाले हैं।

देश में युवा कई बार बेरोजगारी को लेकर प्रदर्शन कर चुके हैं। और साथ ही किसानों ने भी कृषि बिल को लेकर प्रदर्शन कर रही हैं जिसे मीडिया की कवरेज नहीं मिल पाई। ऐसे में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से यह बेरोजगार छात्र और जिन लोगों की लॉक डाउन की वजह से नौकरी गई और जो किसान सड़कों पर आंदोलन कर रहे हैं क्या प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने मन की बात कार्यक्रम में इन लोगों की बात सुनेंगे।

क्या प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने कार्यक्रम मन की बात में इस देश की जनता की समस्या का समाधान करेंगे। लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यक्रम मन की बात में अगर कोई छात्र अपने रोजगार को लेकर सवाल करना चाहे तो कैसे करें क्योंकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यक्रम मन की बात में कमेंट बंद कर दिए जाते हैं। और इसके बाद लाइक ओर डिसलाइक की काउंटिंग भी बंद कर दी गई थी।

तो ऐसे में सवाल यह है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पास यह युवा बेरोजगार छात्र , किसान यह अपनी मन की बात प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तक कैसे पहुंचाएं। न्यूज़ चैनल का काम होता है देश की जनता की समस्या को सरकार तक पहुंचाना लेकिन देश का मीडिया किसी और रास्ते पर चला गया है वह बॉलीवुड में ही पिछले कई हफ्तों से अटका हुआ है। और उसपर लगातार जबरदस्त रिपोर्टिंग भी चल रही है।

और आखिरकार इन बेरोजगार युवा छात्रों की मन की बात ना तो मीडिया सुनने को राजी है और ना ही सरकार। ट्विटर पर कई लोगों ने मन की बात कार्यक्रम को लेकर सवाल किए कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यक्रम मन की बात के कमेंट को ही खुला रखे उसी में बेरोजगार छात्र और देश की जनता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपने मन की बात पहुंचा सकती है।