जिस कोरोना वैक्सीन को खोजने के लिए पूरी दुनिया के डॉक्टरों के पसीने छूट गए , उसे बिहार चुनाव में मुफ्त देने का एलान कर दिया

वैक्सीन

बिहार में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं और सभी पार्टियां तैयारियों में लगी हुई है वही बीजेपी की ओर से यह दावा किया गया है कि अगर एनडीए बिहार में सरकार बनाती है तो बिहार वासियों के लिए कोरोना वैक्सीन मुफ्त दी जाएगी। लेकिन बिहार में उस कोरोनावायरस इन को देने की बात हो रही है जिसका अभी तक कोई पता नहीं है जिसे खोजने के लिए दुनिया भर के डॉक्टर लगे हुए हैं।

लेकिन सोचने वाली बात यह है कि आखिर कौन सी वैक्सीन का दावा कर दिया गया। और बात कोई नई नहीं है पहले भी कोरोना वैक्सीन को लेकर लोगों में भ्रम फैलाया गया आपको याद होगा बाबा रामदेव ने कोरोना वैक्सीन लांच कर दी थी और जिसके बाद कई राज्यों की सरकारों ने उस वैक्सीन पर प्रतिबंध लगा दिया था क्योंकि वह कोरोना वैक्सीन नहीं थी एक सर्दी खांसी वाली जुखाम की दवा थी।

लेकिन उस वक्त भी कोरोना वैक्सीन बताकर मीडिया और कुछ नेता प्रचार कर रहे थे। और कोरोना वैक्सीन का दावा किया जा रहा था साथ ही न्यूज़ चैनल ने यह तक दावा कर दिया था कि अब भारत विश्व गुरु बनने जा रहा है लेकिन यह किसके आधार पर कहा था बाबा रामदेव की कोरोनावायरस इन को लेकर कहा था जो कि केवल एक इम्यूनिटी बूस्टर था सर्दी खांसी जुकाम वाली दवाई थी।

अभी कुछ दिन पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्र को संबोधित करते हुए कहा था कि जब तक दवाई नहीं तब तक ढिलाई नहीं। लेकिन उसी दवाई को प्रचार में शामिल करके फ्री देने का दावा कर दिया। लेकिन जिस कोरोनावायरस का संक्रमण पूरी दुनिया में फैलता हुआ जा रहा है। और भारत में भी जबरदस्त चुनावी रैलियां हो रही है। और हर रोज 50,000 से ज्यादा कोरोनावायरस संक्रमित पाए जा रहे हैं।

पूरी दुनिया के डॉक्टर कोरोनावायरस की वैक्सीन तभी से ढूंढ रहे हैं जब से कोरोनावायरस संक्रमण का फैलना दुनिया में शुरू हुआ था। मगर टीवी चैनल पर लगातार खबरें दिखाई जाती रही कि इस महीने में कोरोनावायरस की वैक्सीन आ जाएगी किसी न्यूज़ चैनल ने कोरोनावायरस इनके दामों को भी दर्शा दिया। लेकिन हकीकत यह है कि अभी तक कोरोनावायरस की वैक्सीन की खोज नहीं हो पाई है।

लेकिन जिस कोरोनावायरस की वैक्सीन का अभी तक कोई अता पता नहीं है अब उसको चुनावी मुद्दा भारतीय जनता पार्टी ने बना लिया उसे चुनावों के दौरान मुफ्त देने का ऐलान कर दिया लेकिन जो कोरोनावायरस की वैक्सीन अभी बनी ही नहीं है उस वैक्सीन को बिहार चुनाव के दौरान बिहार वासियों को मुफ्त में देने का ऐलान कर दिया गया है। लेकिन आपको उस वक्त की तस्वीरें याद हैं।

जिस वक्त बिना प्लान के लॉक डाउन को लगाया गया मजदूर सड़क पर पैदल चलने को मजबूर थे और वह पैदल यात्रा करके अपने घरों को पहुंच रहे थे लोड बाली गाड़ियों में छिप छिपकर मजदूर अपने घरों को पहुंच रहे थे और लोग मदद के लिए सड़कों पर निकल आए थे लेकिन उस समय कोई राजनेता नहीं आया था सरकार बिल्कुल खामोश थी और सरकार के साथ-साथ मीडिया चैनल भी बिल्कुल खामोश थे।

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लेकिन जब रैलियां हुई तो रैलियों में यह कहा गया कि हमने बिहार वासियों को और मजदूरों को घर पहुंचाया था। लेकिन हकीकत आपके सामने हैं सोशल मीडिया पर आज भी वह तस्वीरें गवाह है जिनमें मजदूर पैदल चलकर अपने घरों को पहुंच रहे हैं उस समय उनके पास सवारी का कोई साधन नहीं था न ट्रेन चल रही थी ना ही कोई बसें चल रही थी। कल फिर भी रैलियों में यह भाषण दिया जा रहा है कि बिहार वासियों को उनके घर तक पहुंचाने का काम किया गया है।

इस समय भारत में कोरोनावायरस संक्रमण फैला हुआ है अगर कोरोनावायरस की वैक्सीन आती है तो क्या बिहार वासियों के लिए मुफ्त दी जाएगी और राज्यों के लिए क्या खरीदना पड़ेगी। या उन्हें भी विधानसभा चुनाव तक कोरोनावायरस वैक्सीन के लिए इंतजार करना पड़ेगा। कि कब चुनाव है और कब मुफ्त वाली कोरोना वैक्सीन प्राप्त हो सके। या ऐसा कि कोरोनावायरस संक्रमित मरीज को मुफ्त कोरोना वैक्सीन को पाने के लिए चुनावी राज्य में पलायन करना पड़ेगा।

लेकिन इस बात पर भी गौर कीजिएगा कि आगे भी कई राज्यों में चुनाव होना है क्या वहां पर भी कोरोना की वैक्सीन को मुफ्त में देने का दावा किया जाएगा। क्योंकि आने वाले समय में कई और राज्यों में भी विधानसभा चुनाव होने वाले हैं।