जब बिहार का युवा को एक न एक दिन यह समझ आएगा कि उसके साथ कितना बड़ा धोखा हुआ है , वरिष्ठ पत्रकार रवीश कुमार ने लिखा पोस्ट

बिहार

बिहार में चुनावी प्रक्रिया अब जोरों शोरों पर है । और राजनीतिक पार्टियां अपने वोटरों को लुभाने के लिए अलग-अलग बातें कर रही हैं लेकिन कुछ राजनीतिक पार्टियां युवाओं को नौकरी देने की बात कर रहे हैं। राष्ट्रीय जनता दल ने भी अपने बयान में कहा है कि अगर राष्ट्रीय जनता दल की सरकार बिहार में बनती है तो वह कम से कम युवाओं को 10 लाख नौकरी देने का काम करेंगे।

लेकिन इसके बाद बीजेपी ने भी अपने घोषणा पत्र में यह कह डाला कि वह युवाओं को 19 लाख रोजगार देने का काम करेंगे। लेकिन अगर देखा जाए तो बिहार का चुनाव इस बार रोजगार और नौकरियों पर लड़ा जा रहा है। लेकिन बात यह भी है कि बिहार में युवाओं की शिक्षा पर वर्तमान की सरकार में भी कोई आशा ध्यान नहीं दिया बिहार के युवाओं अच्छी शिक्षा प्राप्त नहीं हो पाई। और उन्हें लगातार खराब शिक्षा ही मिलती रही।

और नतीजा यह हुआ कि युवाओं का सारा जीवन मामूली की योग्यता को हासिल करने में बीत गया और इसके बाद स्कूल कॉलेजों से भी कोई लाभ नहीं मिला ऐसे में तो सरकारी नौकरी को छोड़िए प्राइवेट भी नहीं मिलेगी। आगे ब्रेस्ट पत्रकार रवीश कुमार लिखते हैं कि जब बिहार के युवाओं को एक दिन यह समझ आएगा कि उसके साथ कितना बड़ा धोखा हुआ है तब जो सरकारी नौकरी का मजाक उड़ाते हैं वह अफसोस करेंगे।

लेकिन बिजनेस के लिए सरकार पहले से ही करोड़ों रुपए की घोषणा कर चुकी है 2015 के लिए चुनाव हुए थे तब भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लगातार करोड़ों रुपए बढ़ाए जा रहे थे वह वीडियो भी सोशल मीडिया पर मौजूद है। लेकिन आज भी उन करोड़ों रुपए का कोई अता पता नहीं उन करोड़ों रुपए में से थोड़े रुपए भी अगर युवाओं के लिए खर्च किए जाते शिक्षा के लिए खर्च किए जाते। तो युवाओं को अच्छी शिक्षा भी मिल पाती और अच्छी नौकरी भी।