बड़ी खबर : अब इलाहाबाद हाईकोर्ट ने हाथरस मामले में लिया स्वतः संज्ञान , 12 अक्टूबर को पेश होंगे उच्च अधिकारी

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हाथरस मामले को लेकर अब बड़ी खबर यह आई है कि हाथरस मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने स्वत: संज्ञान में लिया है। क्योंकि जिस तरीके से हाथरस मामले में प्रशासन ने लापरवाही बरती है और 10 दिन तक पुलिस प्रशासन इस केस को लेकर लीपापोती होती रही। और हाथरस पुलिस ने इस मामले को ढंग से लिया ही नहीं था। बाद में जब खबर पूरे देश में एक हाथरस मामले की फैली । तब पूरे देश की जनता को यह खबर मालूम हुई।

लेकिन यह खबर बड़े-बड़े गोदी मीडिया चैनलों द्वारा पूरे देश को पता नहीं चली थी बल्कि सोशल मीडिया के द्वारा पूरे देश को जनता को हाथरस मामले की खबर मिली। लेकिन जब हाथरस की उस बेटी की मृत्यु हुई तो पुलिस ने इस मामले को पूरी तरीके से जल्द से जल्द ढकने की कोशिश की और वैसा ही हुआ पुलिस अंतिम संस्कार करने के लिए बेचैन थी। और उस बेटी का जल्द से जल्द अंतिम संस्कार किया

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने इस केस पर स्वत: संज्ञान लेते हुए कहा कि किसी व्यक्ति की अगर मृत्यु होती है तो उसके परिवार की अंतिम संस्कार करने का अधिकार है। लेकिन उत्तर प्रदेश की पुलिस ने उस परिवार से यह अधिकार भी छीन लिया था। उस हाथरस की बेटी के सबको परिवार को दे देना चाहिए था लेकिन ऐसा यूपी पुलिस ने नहीं किया। बल्कि की जल्द से जल्द इस मामले को ढकने की कोशिश की गई

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने उच्च अधिकारियों को नोटिस भेज दिया है। और यह बड़े बड़े अधिकारी 12 अक्टूबर को पेश होंगे। जिस तरीके से हाथरस की उस बेटी का रात के अंधेरे में अंतिम संस्कार किया गया उस पर हाईकोर्ट ने अपने बयान में कहा कि वह एक घृणित अपराध है। सोशल मीडिया पर डीएम का वीडियो भी वायरल हो रहा है जिसमें वह हाथरस की बेटी के परिवार वालों को धमकाते हुए नजर आ रहे हैं।