हाथरस : मां बिलखती रही बेटी के हाथ में हल्दी लगाकर अंतिम विदाई घर से हो , लेकिन पुलिस अपनी नाकामी छिपाने के लिए…..

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हाथरस में उस गैं गरेप पीड़ित बेटी का अंतिम संस्कार परिवार की बिना मौजूदगी में पुलिस ने कर दिया। अंतिम संस्कार पुलिस ने रात के अंधेरे में ही किया था। लेकिन एक वीडियो में उस बेटी की मां कहती हुई नजर आ रही थी कि वह अपनी बेटी को रीत रिवाज के अनुसार उसके हाथों में हल्दी लगाकर कर उसकी अंतिम विदाई करना चाहती है। लेकिन पुलिस ने उस परिवार की एक भी नहीं सुनी।

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ऐसा कौन सा कारण था जिसकी वजह से पुलिस ने इतनी जल्दी अंतिम संस्कार किया । लेकिन जब पुलिस उस बेटी के शव को लेकर गांव में गए तो गांव वालों ने यही कहा कि इस पीड़ित बेटी का अंतिम संस्कार परिवार की मौजूदगी में सुबह हो। और उस बेटी का उस रीति रिवाज से अंतिम संस्कार हो जो उसे आधी रात में अंतिम संस्कार के लिए इजाजत नहीं देता है। लेकिन पुलिस और गांव वाले इस बात को लेकर आमने-सामने आ गए

लेकिन पुलिस आधी रात में उसी वक्त अंतिम संस्कार करने की ठान ली थी।ऐसा लग रहा था कि उन्हें ऊपर से आदेश मिले हो और उन्होंने इस आदेश का पालन किया है । उस बेटी का चेहरा उसके परिजनों को तक नहीं दिखाया गया आखिरकार यूपी पुलिस में ऐसा क्या डर था जिसकी वजह से आधी रात के वक्त उसका अंतिम संस्कार करने पर पुलिस क्यों अड़ी रहे। और उसके परिवार से उस बेटी के अंतिम संस्कार का अधिकार भी छीन लिया हो।

14 सितंबर को यह मामला हुआ था लेकिन पुलिस इस केस को फर्जी बताती रही। जो धाराएं उन लड़कों पर लगनी चाहिए थी वह नहीं लगी थी। बल्कि छेड़खानी का मामला दर्ज पुलिस ने किया था। पहले से ही इस केस में पुलिस 10 दिन तक लीपापोती करती रही पुलिस ने इस मामले को गंभीरता से पहले से ही लिया ही नहीं था। लेकिन इससे स्पष्ट होता है कि पुलिस ने यह सब अपनी नाकामी छिपाने के लिए ही किया था।