एक के बाद एक कंगाल हो रहे हैं बैंक , क्या मोदी सरकार पुरे बैंकिंग सिस्टम को डुबा देगी , विस्तार से पढ़े पूरी जानकारी

देश में जब से नोटबंदी का गलत फैसला लिया गया है तभी से अर्थव्यवस्था चरमराई हुई है और इसका असर बैंकों पर भी पड़ा है और लगातार ऐसे कई किस्से हमारे सामने आ चुके हैं उसमें बैंकों ने निकासी रकम पर पाबंदी लगाई है। लेकिन इससे यह साबित हो रहा है कि यह सरकार अर्थव्यवस्था को चलाना और संभालना तो जानती ही नहीं है। या तो यह सरकार अर्थव्यवस्था के साथ खिलवाड़ कर रही है। क्योंकि नोटबंदी के चमत्कार लगातार दिख रहे हैं।

लेकिन सोचने वाली बात यह है कि एक के बाद एक बैंक डूब रहे हैं लेकिन कोई इस कारण को जानने की कोशिश ना मीडिया कर रहा है और ना ही सरकार की आखिरकार यह बैंक लगातार क्यों डूब रहे हैं ऐसी समस्याएं बैंकों के सामने क्यों खड़ी हो रही हैं और अगर बैंकों ने कर्ज भी दिया तो किसके कहने पर दिया। और जब बैंकों ने कर्ज दिया और जब बैंकों ने कर्ज लेने की बात कही और कर्ज लेने के लिए उनके पास गई तो उन्होंने कर्ज देने से इंकार क्यों कर दिया।

और जब बैंकों के कर्ज को देने से जब इंकार कर दिया तो सरकार ने उन बैंकों से क्यों कहा कि अपनी आप बुक को ठीक कर लीजिएगा और उसमें से कुछ पैसा हम आपको दे देंगे। और इसके बाद क्या हुआ दोस्तों कि बैंक ने बुक ठीक करके सरकार के सामने अपनी हथेली को फैला दिया और सरकार ने फिर उसमें कुछ जमा कर दिया। लेकिन जिन लोगों का पैसा उस बैंक में जमा है और उस बैंक द्वारा अचानक यह आदेश कर दिया जाए।

और निकालने की रकम भी एक निश्चित कर दी जाए तो फिर बैंक ग्राहकों को किस तरीके की समस्या का सामना करना पड़ेगा । और ऐसा हमारे देश में पिछले 6 सालों में कई बार हो चुका है। लगातार हमारे देश के बैंक डूबते चले जा रहे हैं और लेकिन सबसे बड़ी बात यह है कि यह बैंक जो लगातार इस तरीके की दुविधा में आ रहे हैं इसका जिम्मेदार कौन है कौन है ऐसे फैसले ले रहा है जिसकी वजह से यह बैंकों को यह करना पड़ रहा है।

और उन गलत फैसलों की वजह से बैंक के ग्राहकों को भुगतना पड़ रहा है आप लक्ष्मी विलास बैंक को ही देख लीजिए। लेकिन याद कीजिए जरा उस नोटबंदी को जिससे देश को यह बताया गया था कि इससे बड़े बड़े फायदे होने वाले हैं लेकिन आपको फायदे तो छोड़िए लोगों के कारोबार ठप हो गए। और देश की अर्थव्यवस्था पर इस नोट बंदी को लेकर बहुत बड़ा असर पड़ा। और कहीं ना कहीं उसका असर इन बैंकों पर भी दिखाई देता है।

देश में इस वक्त कोरोनावायरस संक्रमण चल रहा है और वही देश में जब लॉकडाउन के समय लोगों के व्यापार ठप हो गए करोड़ों लोगों की नौकरियां चली गई और ऐसे में बैंकों की खबरें आ रही हैं लगातार बैंक सिस्टम पूरा डूब रहा है। और यह बैंक सिस्टम जो डूब रहा है इसका श्रेय किसे जाता है। आखिरकार बैंक ने जिस को कर्ज दिया बॉब बैंक को वापस कर्ज क्यों नहीं लौट पा रहा है इसका क्या कारण है। और पिछले कई सालों से ऐसा क्यों हो रहा है।

वैसे भारतीय जनता पार्टी की ओर से हर वक्त खतरा बताया जाता है लेकिन हां खतरे में देश की अर्थव्यवस्था है देश की बैंक हैं। और देश में खतरा उन कंपनियों के कर्मचारियों पर हैं जो कंपनियां लगातार घाटे में चल रही है। गोदी मीडिया भी इन डूबते हुए बैंक पर रिपोर्टिंग नहीं करना चाहता है । क्योंकि इस पर अगर रिपोर्टिंग होगी तो कहीं ना कहीं सरकार से सवाल करना पड़ेगा।