देश के चौकीदार हो गए बेरोजगार , साल 2019 में चौकीदार बने युवा हटा रहे हैं सोशल मीडिया से पोस्ट ……पढ़े

साल 2019 में लोकसभा चुनाव हुए थे । लेकिन 2019 में युवाओं ने चौकीदारी में बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया । कुछ युवा चौकीदार बने और कुछ को बनाया गया। उसमें सोशल मीडिया पर ग्राफिक्स भी जरनेट हुए मैं भी चौकीदार । लेकिन आज कोरोनावायरस के चलते हुए बेरोजगारी भारत में बहुत बढ़ गई है। और भारत का युवा लगातार बेरोजगार होता जा रहा है और ना ही उसकी शिक्षा हो पा रही है। इसके युवाओं में बेरोजगारी को लेकर बुरा हाल है।

लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2019 में इन युवाओं को चौकीदार बनाया था। लेकिन चौकीदार को अब बेरोजगारी की समस्या आ रही है। अब उन्हीं में से चौकीदार मोमबत्ती , दीया ,घंटी बजा कर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तक अपनी बात को पहुंचाने की कोशिश कर रहे हैं। लेकिन बात यह भी है कि कोई सुनने वाला ही नहीं है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तो दूसरी बार प्रधानमंत्री बन गए लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जो 2019 में चौकीदार बनाए थे वह बेरोजगार हो गए।

और स्थिति अब यह आ गई है कि चौकीदार वाले स्टीकर को हटाकर युवा अब मैं भी बेरोजगार का स्टीकर लगा रहे हैं। ट्विटर पर कई बार बेरोजगार युवाओं ने प्रदर्शन भी किया। और इस प्रदर्शन को विपक्षी दलों का सहयोग भी मिला। युवा बेरोजगार छात्रों ने पकौड़ा बेचकर प्रदर्शन किया। लेकिन युवा बेरोजगार छात्रों ने पकोड़ा बेचकर इसलिए किया क्योंकि भारतीय जनता पार्टी सरकार ने युवाओं को पकोड़ा तलने की सलाह दी थी।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को साल 2019 में युवा चौकीदारों का भरपूर सहयोग मिला था लेकिन आज यही चौकीदार जब सरकार से बेरोजगारी को लेकर सवाल पूछ रहे हैं और यह चौकीदार अब बेरोजगार हो गए हैं तो सरकार इनके सवालों पर चुप क्यों है। देश में जब कोरोनावायरस नहीं था तब भी देश में बेरोजगारी लगातार तेजी से बढ़ रही थी लेकिन अब कोरोनावायरस काल में बेरोजगारी तेजी से बढ़ रही है। लेकिन सरकार युवा बेरोजगारों की सुनने की वजह चुनाव प्रचार में व्यस्त है।