देखें – साहिब के अमीर दोस्त और अमीर होते जा रहे हैं और देश का गरीब और गरीब होता जा रहा है , पढ़ें और देखें

यह किसी फिल्म का डायलॉग है जिस श्रीमान इस देश में अमीर और अमीर होता जा रहा है और गरीब और गरीब होता जा रहा है कि कोई फिल्म और नहीं अनिल कपूर की फिल्म नायक है । जिसमें अभिनेता अनिल कपूर एक मुख्यमंत्री की भूमिका निभाते हैं। लेकिन वह एक फिल्म है अब बात करते हैं मौजूदा हालत की। पिछले 6 सालों में अगर देखा जाए तो साहिब के दोस्त और अमीर होते गए हैं ऐसे कई बार न्यूज़ चैनल्स पर अखबारों में खुलासे हो चुके हैं।

राहुल गांधी ने भी कुछ ऐसी ही एक फोटो के साथ ट्वीट करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधा है उस ट्वीट में क्या है उस ट्वीट में एक फोटो को संगलन किया गया है इसमें एक अखबार की कटिंग है और उसमें यह बताया गया है कि अडानी दौलत जोड़ने में अंबानी से आगे निकल गए हैं। थोड़ा सोचने वाली बात यह है कि अडानी किस के दोस्त हैं। और पिछले 6 सालों में जो निजी करण हुआ है उसमें सबसे ज्यादा किसका नाम है।

लेकिन देश में आम नागरिक की क्या हालत है। क्योंकि जिस वक्त नोटबंदी का जो फैसला लिया गया था उसी में सारे बिजनेस डूब गए थे और उसके बाद जब देश में लॉकडाउन को लगाया गया उस वक्त तो कई उद्योगपतियों छोटे व्यापारियों के बिजनेस तबाह हो गए। और उसमें जो लोग मजदूर वर्ग के लोग काम किया करते थे उन्हें भी अपनी नौकरी को गवाना पड़ा। साथ ही यह भी खबरें आई थी कि करोड़ों लोगों की नौकरियां भी जा चुकी हैं।

और हुआ क्या था बिहार में जो चुनाव हुआ था वह भी नौकरी पर हुआ था इस बार चुनाव बिहार का दिलचस्प रहा जिसमें सबसे अहम मुद्दा नौकरी और बेरोजगारी का जिक्र किया गया था। लेकिन जरा सोचने वाली बात है कि जो लोग साहेब के दोस्त हैं साहिब से जो दोस्ती निभा रहे हैं वह लगातार दौलत में पढ़ते हुए चले जा रहे हैं यानी की दौलत लगातार बढ़ रही है दूसरी बात इस बात पर भी गौर करना चाहिए कि जो देश में बैंक है वह लगातार डूब रहे हैं और साहब के दोस्त और अमीर हो रहे हैं।

आज तक किसी ने सोचने की यह कोशिश नहीं की कि आखिरकार बैंक इस परेशानी में क्यों उलझ रहे क्यों आखिर बैंकों को लेनदेन पर एक निश्चित रकम रखनी पड़ रही है। बैंकों से पैसा लेकर जा रहा है और बैंक अपना कर्जा नहीं वसूल पा रही है लोग कर्जे को लेकर विदेश में फरार हो रहे हैं। कि नहीं एक ओर जहां बैंक और अर्थव्यवस्था डूब रही है वही साहब के दोस्त और अमीर होते जा रहे हैं। और इसके कई प्रमाण अखबारों में छपे पड़े हैं।

देश में अगर कोरोनावायरस की बात की जाए तो पहले तो एकदम कम हो गया था लेकिन अब फिर से देश में कोरोनावायरस तेजी पकड़ रहा है दिल्ली में कोरोनावायरस फिर तेजी पकड़ रहा है यह भी सुनने में आया है कि अगर दिल्ली में कोरोनावायरस काबू नहीं हो पाया तो दोबारा लॉकडाउन लगाने पर विचार सरकार कर सकती है। लेकिन जिस वक्त देश में लॉकडाउन को लगाया गया था उस वक्त की तस्वीरें सबको याद होंगी।

कि किस तरीके से गरीब मजदूर अपने घरों को पहुंचे थे लेकिन उस वक्त करोड़ों लोगों की नौकरियां भी चली गई थी जो लोग मजदूरी का कंपनियों में काम किया करते थे वह कंपनियां भी आधे से ज्यादा बंद हो गई थी लॉकडाउन के असर को मजदूर आज भी झेल रहे हैं। लेकिन साहिब के दोस्त और अमीर होते जा रहे हैं