चुनाव के समय में अखबारों को पढ़ना बंद करें , और न्यूज़ चैनलों के कनेक्शन , वरिष्ठ पत्रकार रवीश कुमार ने लोगों से की अपील

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चुनाव आने वाला है और अब न्यूज़ चैनल चुनावी मुद्दों पर ज्यादा ध्यान देंगे लेकिन एनडीटीवी के वरिष्ठ पत्रकार रवीश कुमार ने अपने फेसबुक पेज पर एक पोस्ट के जरिए लोगों से अपील की कि चुनाव आने वाले हैं तो अखबारों में और न्यूज़ चैनलों में जो दिखाया जाता है वह सब फिक्सिंग होता है इसलिए सत्ताधारी नेताओं के कामकाज को खोजिए कि उन्होंने पिछले 5 सालों में जनता के लिए क्या किया है। और फिर वोट कीजिए।

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अखबारों को पढ़ना और लेना छोड़ दीजिए और न्यूज़ चैनलों से तो खासकर दूरी बनाए रखने की जरूरत है आपस में लोगों से बातचीत कीजिए और नेताजी के पिछले 5 साल पहले के कामों को टटोलने उन पर लोगों से चर्चाएं कीजिए। और जिस राजनीतिक नेताओं ने पिछले 5 सालों में काम किया है उसके बारे में आपस में बात कीजिए। और जरा इस मुद्दे पर भी दिमाग लगाने की जरूरत है कि किस नेता ने विकास कराया है।

बिहार में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं सभी राजनीतिक नेता चुनाव की तैयारी में लगे हुए हैं वही न्यूज़ चैनल और अखबार भी इन्हीं नेताओं पर अपनी नजरें टिकाए हुए हैं। वरिष्ठ पत्रकार रवीश कुमार ने आगे अपनी पोस्ट में लिखते हुए कहा की टीवी चैनल और अखबार के पास कुछ नया नहीं है नहीं कुछ रिसर्च करके जनता के सामने लेकर आते हैं बल्कि एक हेड लाइन को बार-बार दिखा कर केवल टाइम को पूरा किया जाता है।

लेकिन जो मुद्दे की हकीकत होती है उससे जनता बहुत दूर होती है। खबर के एक मुद्दे को बहुत ज्यादा न्यूज़ चैनल आकर बनाने की कोशिश करेंगे क्योंकि इसलिए क्योंकि आप अपनी नजरें उस आकर्षक शब्द से ना हटाए। अब तो विधानसभा चुनाव से पहले अखबारों में और टीवी न्यूज़ चैनल में विज्ञापन भी खूब आएंगे। तो वारों और न्यूज़ टीवी चैनल की खबरों को छोड़कर पहले नेताओं के 5 साल के कामकाज को देखने की जरूरत है।