बिहार चुनाव : अगर बिहार में आरजेडी की सरकार बनी तो यहां कश्मीर के आतंकवादी पनपेंगे , केंद्रीय मंत्री नित्यानंद राय ने दिया एक रैली में बयान

बिहार चुनाव शुरू हो गया है और राजनेता और पार्टियों के कार्यकर्ता चुनाव के प्रचार प्रसार में जुट गए हैं लेकिन क्या इस बार भी बिहार के चुनाव में जनता के जरूरी मुद्दों को जोड़ा जा रहा है। अभी भारतीय जनता पार्टी ने एक विज्ञापन रिलीज किया है जिसमें विकास को दिखाया गया है लेकिन अगर भारतीय जनता पार्टी की आप रैलियों के वीडियो को देखेंगे तो वहां आप वहां स्वास्थ्य शिक्षा इन मुद्दों पर कोई बयान नहीं है।

बिहार

आपको बता दें बिहार के वैशाली जिले में भारतीय जनता पार्टी की चुनावी सभा हुई जिसमें केंद्रीय मंत्री नित्यानंद राय ने अपनी रैली को संबोधित करते हुए कहा कि अगर बिहार में आरजेडी की सरकार बनती है तो कश्मीर के आतंकवादी यहां बिहार की धरती पर बना लेंगे। लेकिन यह कोई नई बात नहीं है जब भी भारत में कहीं पर चुनाव होता है वही आतंकवादियों का जिक्र जरूर चुनावी रैलियों में आ जाता है।

आपको मालूम है हमारे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जब 2019 में दोबारा प्रधानमंत्री बन कर आए थे। तब उस वक्त भी शहीदों के नाम पर वोट मांगे गए थे। आज तक यह पता नहीं लग पाया कि वह हादसा कैसे हुआ। लेकिन वैसे भी जब जब भारत में चुनाव होता है तब तक सीमा पर तनाव हो जाता है राहत इंदौरी का एक शेर था सीमा पर तनाव है जरा देखो तो क्या भारत में चुनाव है।

लेकिन इससे पहले भी जब 2015 में बिहार विधानसभा के चुनाव हुए थे तब गृह मंत्री अमित शाह बिहार के सुपौल में एक रैली को संबोधित कर रहे थे इस रैली में अमित शाह ने एक बयान दिया कि अगर बिहार में भारतीय जनता पार्टी की हार हुई तो पाकिस्तान में पटाखे छूटेंगे। लेकिन आप गौर से देखिए तो विज्ञापनों में बिजली पानी सड़क स्वास्थ्य जैसी सुविधाओं को दिखाया जा रहा है लेकिन चुनावी रैलियों में कि कश्मीर के आतंकवादी यहां पनपेंगे

जिस वक्त गृह मंत्री अमित शाह ने बिहार की रैली में यह बयान दिया था उस वक्त सोशल मीडिया पर भी जमकर आलोचना हुई थी। लेकिन बिहार चुनाव में इस बार आम जनता के मुद्दे एक बार फिर गायब होते दिख रहे हैं अभी कुछ दिनों पहले बिहार का ही एक वीडियो वायरल हुआ था जिसमें डॉक्टर साहब कोरोनावायरस संक्रमित मरीजों का इलाज करने अस्पताल में पानी भरा होने के कारण रिक्शा पर बैठकर अस्पताल जा रहे थे।

और फिर जब पूरे देश में बिना तैयारी के लॉकडाउन को लगाया गया तब बिहार के प्रवासी मजदूर अपने घरों को पैदल चल रहे थे क्योंकि बिहार के अधिकतर लोग दिल्ली और मुंबई के शहरों में काम करने जाते हैं लेकिन बिना तैयारी के लॉकडाउन को लगा दिया गया पर फिर मजदूर पैदल चलकर अपने घरों को पहुंच रहे थे। क्या और मजदूरों के लिए इन रैलियों में कोई जिक्र है।

लेकिन जिस तरीके का बयान केंद्रीय मंत्री नित्यानंद राय ने रैली में दिया कि अगर बिहार में आरजेडी की सरकार बनी तो कश्मीर के आतंकवादी बिहार की धरती पर बना लेंगे आगे केंद्रीय मंत्री बोले लेकिन हम ऐसा होने नहीं देंगे और इस बात का जिम्मा हमारे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हमें सौंपा है गृह मंत्री ने भी सौंपा है । लेकिन सवाल यह है कि जिस राज्य में चुनाव होते हैं क्या आतंकवादी उसी राज्य में पनाह लेने को रह जाता है।