चौथी बार चुनाव जीतने वाले विधायक के पास नहीं पक्का मकान , आज भी ये विधायक रहते है कच्चे मकान में , सोशल मीडिया पर तस्वीरें वायरल

बलरामपुर विधानसभा

वैसे तो विधायक जी के ठाठ बाट सभी ने देखे होंगे। विधायक जी की और नेताओं की चमक दमक तो दूर से ही पता लग जाती है आजकल तो कार्यकर्ताओं की भी चमक-दमक दूर से पता लग जाती है लेकिन यह कैसे विधायक हैं जिन्होंने चार बार चुनाव जीतकर जनता की सेवा की है। और यह बलरामपुर विधानसभा से चौथी बार विधायक बने हैं लेकिन एक अच्छी बात है कि इनके पास अपना पक्का मकान तक नहीं है सोचने वाली बात है।

सोशल मीडिया पर इनकी कई तस्वीरें वायरल हो रही है कई वेब प्लेटफार्म और यूट्यूब चैनल ने इन का इंटरव्यू भी लिया है लेकिन अभी तक इनकी खबर किसी बड़े चैनल पर इनकी सादगी को बड़े चैनल पर नहीं दिखाया गया है कि किस तरीके से इन्होंने जनता की सेवा की है और जनता की सेवा को लेकर यह अपने मकान को पक्का तक नहीं बनवा पाए। आज भी यह चौथी बार जीतने वाले मेरे कच्चे मकान में ही रहते हैं।

और यह चौथी बार चुनाव जीतने वाले विधायक जी का नाम है महबूब आलम जो कि सीपीआईएमएल के नेता हैं। लेकिन चौथी बार विधायक बने यह तो कोई बड़ी बात नहीं है लेकिन यह आश्चर्य की बात है कि अपने मकान को भी आज तक पक्का नहीं बन पा पाए आज भी यह नेता उसी कच्चे मकान में रहते हैं। सोशल मीडिया पर कई तस्वीरें महबूब आलम की वायरल हो रही है। पर लोग इनकी इनकी प्रशंसा कर रहे हैं क्योंकि उन्होंने जनता की सेवा की है।

आपने देखा होगा हमारे बड़े बड़े नेता रैलियों में कितना पैसा खर्च करते हैं लोगों को बुलाया जाता है उनके खाने-पीने का इंतजाम होता है उनके बैठने का इंतजाम होता है पूरी तरीके से मंच को सजाया जाता है और फिर उस पर खड़े होकर बड़े-बड़े नेता भाषण देते हैं और फिर यही नहीं गाड़ियों में बैठकर भी रैलियां निकाली जाती है उसमें भी काफी खर्चा आता है। लेकिन बात यह भी है कि जिस वक्त रैलियों के लिए लोगों को एकत्र किया जाता है।

उस वक्त उनके लिए कई तरीके के इंतजाम किए जाते हैं जिससे आए आए हुए लोगों को कोई परेशानी ना हो पाए और नेताओं के भाषण को आसानी से सुन सके और समझ सके और बड़े-बड़े नेता भी यही प्रयास करते हैं कि नेताजी जो भाषण दे उस पर पब्लिक का असर पहुंचे और ज्यादा से ज्यादा वोट हासिल कर सकें वैसे तो बिहार के सभी पार्टियों के नेताओं ने भरपूर कोशिश की थी। और बिहार में सभी पार्टियों के नेताओं ने अपनी रैलियों को भी संबोधित किया था।

और वैसे तो आपने यह भी देखा होगा कि विधायकों पर बड़ी-बड़ी गाड़ियां भी होती हैं। और लोगों से मिलने के लिए भी गाड़ियों से गांव में और अपने चुनावी क्षेत्र में जाते हैं। तो चुनावी क्षेत्र में जनता से नेता भी मिलते हैं। लेकिन सोचने वाली बात है कि 4 बार चुनाव जीतने के बाद भी इनके पास अपना खुद का पक्का मकान तक नहीं है तो इनके पास और विधायकों की तरह घूमने के लिए या वोट मांगने के लिए और सुविधाएं होंगी क्या।

वैसे विधायकों का रहन-सहन तो अलग ही होता है आजकल तो कार्यकर्ताओं का भी रहन सहन बहुत अलग है हमने देखा होगा जब चुनाव का वक्त आता है तो नेताजी जो वोट मांगने आते हैं उनके साथ में कई लोग होते हैं और कई महीने की गाड़ियां होती हैं लेकिन यह जो चौथी बार जो विधायक बने हैं इनके पास ऐसा कुछ भी नहीं है। और लोग सोशल मीडिया पर इनकी यही सादगी को लेकर प्रशंसा कर रहे हैं