बड़ी खबर : असम में अपने कार्यकर्ताओं को पुलिस ऑफिसर बनाने के लिए आरएसएस ने कराया पेपर लीक , राज्य को छोड़कर भागे बीजेपी नेता

असम से पुलिस भर्ती पेपर लीक का मामला सामने आया है। कि आरएसएस ने अपने लोगों को पुलिस अफसर बनाने के लिए पुलिस भर्ती प्रश्न पत्र को लेकर आया। किन पुलिस भर्ती प्रश्न पत्र लीक कराने का आरोप कांग्रेस ने लगाया है। लेकिन बात यह भी है जो पुलिस भर्ती पेपर लीक का मामला सामने आया है उस घोटाले में एक भारतीय जनता पार्टी का नेता भी शामिल है। जो कि इस वक्त राज्य छोड़कर फरार हो गया है।

जब यह मामला सामने आया तो कांग्रेस ने और भी आरोप लगाए कांग्रेस ने कहा आरएसएस अपने लोगों को पुलिस अफसर बनाकर उन्हें पुलिस बल में शामिल करना चाहता है। रिपुन बोरा जोकि असम में कांग्रेस से अध्यक्ष हैं। उन्होंने अपने बयान में आरएसएस पर आरोप लगाते हुए कहा। कि आरएसएस ने यह योजना बनाई थी कि अपने लोगों यानी कार्यकर्ताओं को पुलिस बल में भर्ती किया जाए।

लेकिन सवाल यह है कि अगर ऐसे पेपर लीक करा कर उन आर एस एस के कार्यकर्ताओं को पुलिस ऑफिसर बनाया जाएगा तो वह उस पद पर बैठकर कैसे निर्णय लेंगे। सुदर्शन टीवी पर सुरेश चव्हाण के यूपीएससी जिहाद नाम का एक शो लेकर आया। जो कि पूरी तरीके से बेबुनियाद ही था पहले उस कार्यक्रम को लेकर हाईकोर्ट ने रोक लगाई और उसके बाद अब उस कार्यक्रम पर सुप्रीम कोर्ट ने रोक लगा दी।

लेकिन सुदर्शन टीवी पर सुरेश चव्हाणके द्वारा पुलिस भर्ती जिहाद पर चर्चा होगी। जब यह पुलिस भर्ती घोटाला मामला सामने आया तब इसमें असम के एक बीजेपी नेता का नाम आया। इस पुलिस भर्ती घोटाले में बीजेपी नेता दिबन डेका नाम आया है। इस घोटाले में कई और बड़े बड़े लोगों के नाम भी सामने आए हैं। लेकिन जिस बीजेपी नेता का नाम सामने आया है वह बीजेपी नेता राज्य छोड़कर भाग गए हैं। लेकिन थोड़ा आपको उन परिवार युवाओं के बारे में सोचना पड़ेगा।

जिनके माता-पिता अपने बच्चे को लेकर यह आस लगाकर बैठे होंगे कि इस बार पुलिस भर्ती की परीक्षा को पास करके पुलिस में भर्ती हो जाएगा। जब भी कोई परीक्षा घोटाला सामने आता है उसमें होनहार युवा छात्र विफल हो जाते हैं। और जिन लोगों की ऐसे घोटाले कार्यक्रम में जुगाड़ होती है वह झट से पास होकर निकल जाते हैं और एक पुलिस अफसर की कुर्सी पर जाकर बैठ जाते हैं। क्योंकि ने युवाओं ने इस परीक्षा के लिए दिन रात मेहनत की होगी।

लेकिन बात यह भी है कि जब ऐसे लोग पुलिस पद पर पहुंचते होंगे तब वह आपातकालीन स्थिति में क्या निर्णय लेंगे। एक तो पहले से ही इस देश में युवा बेरोजगार है वह सरकार से लगातार रोजगार को लेकर सवाल कर रहा है। और ऐसी बेरोजगारी के समय में अगर किसी नौकरी के लिए भर्ती निकलती है तो छात्रों में खुशी का माहौल हो जाता है। क्योंकि इस देश में युवाओं में बेरोजगारी लगातार बढ़ रही है और जब से देश में कोरोनावायरस संक्रमण फैला है तब से तोऔर तेजी से बेरोजगारी फैल रही है।

जो बीजेपी नेता राज्य छोड़कर भागे हैं उन्होंने अपने सोशल मीडिया के माध्यम से एक पोस्ट किया जिसमें उन्होंने लिखा कि 20 सितंबर को व्हाट्सएप के एक मैसेज में लगभग 11:30 बजे उन्हें एक मैसेज मिला उस मैसेज में प्रश्नपत्र था। उन्होंने आगे संदेश के जरिए कहा कि पुलिस भर्ती की परीक्षा होने से आधे घंटे पहले उन्हें व्हाट्सएप पर प्रश्न पत्र आ गया था। क्योंकि यह परीक्षा उसी दिन 12:00 बजे होनी थी