गोदी मीडिया अब मुश्किल में फंस गया है , कि आंदोलन कर रहे किसानों को देशद्रोही कैसे बताया जाए

देश में किसानों का आंदोलन चल रहा है और किसानों को रोकने के लिए सरकार भरपूर प्रयास कर रही है लेकिन जो किसान आंदोलन कर रहे हैं उससे सरकार तो परेशान दिख ही रही है लेकिन साथ में गोदी मीडिया भी परेशान दिख रहा है । लेकिन मुश्किल में गोदी मीडिया किसानों के प्रदर्शन से फंस सा गया है। कि आखिर यह जो किसान प्रदर्शन कर रहे हैं इन्हें देशद्रोही कैसे बताया जाए। हालांकि एक न्यूज़ चैनल ने इन किसानों को खालिस्तानी तक बता दिया था।

उसके बाद क्या हुआ गोदी मीडिया ने कल अपने कार्यक्रमों में खबरें प्रसारित की गई थी कि इस किसान आंदोलन के पीछे विपक्षी दलों का हाथ है । और यह जो किसान है यह किसी के कहने पर आंदोलन कर रहे हैं इसमें कहीं ना कहीं कांग्रेस अपनी राजनीति कर रही है ऐसी न्यूज़ चैनलों पर कल खबरें प्रसारित की गई थी। यानी कहीं ना कहीं गोदी मीडिया के एंकरों ने एक बार फिर सत्ता में बैठी हुई भारतीय जनता पार्टी की सरकार को बचाने की कोशिश की।

लेकिन किसान तो कल से ही प्रदर्शन कर रहे हैं लगातार उनकी फोटो और वीडियो सोशल मीडिया पर ही वायरल हो रही हैं लेकिन जिस तरीके से किसान प्रदर्शन कर रहे हैं और किसानों को प्रदर्शन करते वक्त जो परेशानियां आ रही हैं और उनकी जो मांगे हैं क्या गोदी मीडिया के चैनलों पर प्रसारित हुई नहीं हुई बल्कि गोदी मीडिया पूरी तरीके से यह सोचता रहा यह सरकार किसानों को देशद्रोही कैसे बताया जाए।

और छुप-छुपकर खबरें भी चलाते रहें और कहीं ना कहीं उन खबरों में यह साफ दिखाई दे रहा था कि किसानों की जो समस्या है और जो सवाल किसानों का केंद्र सरकार से है उसे कहीं ना कहीं बचाने के लिए गोदी मीडिया आगे खड़ा हुआ है। और सबसे बड़ी बात जो किसान आंदोलन कर रहे हैं कल डिबेट ओं में यह बताया गया कि इन किसानों के पीछे विपक्ष के लोग राजनीति कर रहे हैं। साफ नजर आता है सवाल अगर बीजेपी से पूछो तो दर्द गोदी मीडिया के एंकरों को क्यों होता है