आए दिन कुछ न कुछ नया मुद्दा ले आते है बीजेपी नेता , जनता का ध्यान भटकाने के लिए , विस्तार से पढ़े

मदरसों

टीवी पर एक मुद्दा निपट नहीं पाता तब तक दूसरा मुद्दा नेताजी लेकर आ जाते हैं। जिन मुद्दों पर टीवी पर चर्चा होनी चाहिए वह मुद्दे मीडिया में नहीं आते विपक्ष के नेता यह कह कह कर थक गए कि देश की जीडीपी लगातार बढ़ती हुई जा रही है लेकिन न्यूज़ चैनल पर उनके ऑन कर उन्हें देशद्रोही की नजर से ही देखते रहे हालांकि सत्ता पक्ष के प्रवक्ताओं ने सवाल पूछने वालों को देशद्रोही करार दे ही दिया था।

आपने देखा होगा आए दिन भारतीय जनता पार्टी के नेता और प्रवक्ता कुछ ना कुछ नया मुद्दा ले आते हैं और उसमें टीवी न्यूज़ एंकर अपनी मनमर्जी मुताबिक खबरें छाप देते हैं फिर क्या होता है हमारे पक्ष और विपक्ष के प्रवक्ता टीवी पर बैठकर आपस में बहस करते हैं। लेकिन यह पक्ष और विपक्ष के प्रवक्ताओं में बहस देश की जीडीपी बेरोजगारी शिक्षा स्वास्थ्य से संबंधित नहीं होती है।

अब देखिए भारतीय जनता पार्टी के विधायक और प्रवक्ता अतुल भातखलकर महाराष्ट्र सरकार को एक पत्र लिखते हैं पत्र में यह अनुरोध किया जाता है कि सरकार जो मदरसों को वित्तीय सहायता देती है उस सहायता को तत्काल बंद किया जाए। अब दूसरी खबर असम में मंत्री हेमंत विश्वकर्मा यह कहते हैं कि जो धार्मिक शिक्षा देना हमारा काम नहीं है और इसलिए मदरसे जो है वह बंद किए जाएं।

अब आप ध्यान से देखेंगे तो भारतीय जनता पार्टी के नेता हो या प्रवक्ता हो अब सभी का ध्यान मदरसे की ओर खिंच रहा है। लेकिन देश की अर्थव्यवस्था जीडीपी , बेरोजगारी , महंगाई , और कोरोनावायरस संक्रमण जैसे मुद्दों से जनता का ध्यान भटका या जा रहा है। अब आने वाले दिनों में न्यूज़ चैनल मदरसे पर डिबेट करेंगे मनमर्जी खबरें चलेंगे और इन्हीं खबरों में लगभग हमारे 15 दिन बीत जाएंगे। और इन्हीं बीते दिनों में जनता के मुद्दे गोल कर दिए जाते हैं।