90 के दशक जैसी है अर्नव की मनगड़ंत कहानी

रिपब्लिक भारत टीवी चैनल के पत्रकार ने जब सोनिया गांधी को लेकर एक विवादित टिप्पणी की थी। जिसके बाद कई राज्यों में इस पत्रकार पर FIR दर्ज हो जाती है। क्योंकि इसने एक महिला का अपने शो में अपमान किया है इस ने उस महिला का अपमान किया है जिस महिला ने इस देश की सेवा की है अपने परिवार की बलिदानी दी है इस पत्रकार ने उस महिला का अपमान किया है। इनकी इस बौखलाहट में चाटुकारिता की झलक साफ साफ दिखाई देती है। इसके टीवी शो में हर रोज चीख पुकार होती है। क्योंकि इनकी पुकारो से जो लोग इस चैनल को देखते हैं उन्हें मजा आता है क्योंकि इस चीख पुकार से सत्ता की नाकामी छिपती है जब इस पत्रकार पर कई राज्यों में FIR हुई है तब इस पत्रकार का यह रिएक्शन सामने आता है

90 की फिल्मों जैसा ड्रामा

आपने 90 के दशक में बहुत सारी फिल्में देखी होंगी जिसमें हीरो विलेन को फांसने वाला ही होता है और जब विलेन बिल्कुल फस जाता है तब वह कोई मनगढंत कहानी बना लेता है। अक्सर वो विलेन अपने देखे होंगे। और अपना बचाव करने के लिए इस तरीके की कहानी बना लेते थे। या कोई गवाह होता था जिस गवाह से मुजरिम को सजा मिल सके तो उसे कोर्ट पहुंचने से पहले ही उसका काम तमाम कर दिया जाता था यह हमारे भारतीय फिल्मों के 90 के दशक की कहानियां हैं आप चाहें तो यूट्यूब पर देख सकते हैं कि किस तरीके से अपराधी को सजा मिलनी ही वाली होती है। तभी सत्ता की कुछ ताकतों से झूठ का साथ लेकर कैसे अपराधियों को बचा लिया जाता है यह 90 के दशक की फिल्मों में देखा जा सकता है

शोशल मीडिया ये वीडियो वायरल हो रहा है

अगर वाकई इस पत्रकार पर हमला हुआ है तो हमले का कोई वीडियो कोई फोटेज अभी तक सामने नहीं आया है इस पत्रकार की कार पर काले रंग का तरल पदार्थ शीशे पर बह रहा है और जब इस पत्रकार ने यह वीडियो रिकॉर्ड किया है तब इस पत्रकार की एक कार गैरेज में खड़ी हुई दिखाई दे रही है जब इस पत्रकार पर अगर हमला हुआ है तो सीसीटीवी फुटेज भी आना चाहिए क्योंकि महाराष्ट्र मुंबई में हर जगह सीसीटीवी कैमरे हैं तो यह पत्रकार कह रहा है कि इस पर हमला हुआ है तो सीसीटीवी फुटेज निकाले। और सच्चाई लोगों तक सामने लाएं यह बनावटी बातें ना करें।

जब बांद्रा में मजदूरों की भीड़ जमा हुई थी तब इस पत्रकार ने खबर चलाई थी कि यह मजदूर किसी मुस्लिम नेता के कहने पर इकट्ठे हुए हैं क्योंकि जहां भीड़ लगी थी वहां इस पत्रकार को एक मस्जिद दिखाई दे रही थी जिस तरीके से तुम इन्हीं खबरों की छानबीन करते हो उसी तरीके से तुम पर हमला हुआ है उसके फुटेज उसके वीडियो जनता के सामने लेकर आओ। ना तो गाड़ी पर कोई हमले का निशान दिखाई दे रहा है आप साफ वीडियो में देख सकते हैं कि गाड़ी किसी गैरेज में खड़ी हुई है । इस समय तो लॉक डाउन है हर जगह पुलिस है इस पत्रकार के साथ गार्ड भी थे तो इस पर हमला कैसे हो गया आप अगर गूगल पर सर्च करोगे तो आपको हमले की कोई भी फोटो या वीडियो नजर नहीं आएगी।

अमेरिका में रह रहे भारतीय नागरिक ने इस पत्रकार पर कई सवाल उठाए हैं जिन्हें आप इस वीडियो में देख सकते हैं