दैनिक जागरण ने ज़मात को लेकर चलाई फर्जी खबर

दैनिक जागरण अखबार में 15 अप्रैल को एक खबर चलाई हम इसे पढ़कर सुनाना चाहेंगे इस खबर में बताया गया था कि कुशीनगर के तुर्कपट्टी थाने थाने के मधुरिया चौकी पर कुछ लोगों को गिरफ्तार किया गया है जिसमें 10 नेपाली लोग हैं और 11 तबलीगी जमात के लोग हैं इन्हें हिरासत में ले लिया गया है और इन्हें अस्पताल भेज दिया गया है। इसके बाद इस अखबार ने आगे लिखा कि 7 मार्च को खैरी गांव में एक मस्जिद है उस मस्जिद मैं यह लोग शामिल हुए थे और वहीं रह रहे थे उसके बाद यह इधर-उधर घूमने लगे। और वहां की मस्जिदों में रहने लगे और यह बिहार के रास्ते नेपाल वापस जाना चाह रहे थे। दैनिक जागरण ने इस खबर को अपनी वेबसाइट और दैनिक अखबार में खास जगह दी है और तबलीगी जमात के लोगों को टारगेट किया गया है।

यह खबर जब लोगों ने अखबार में पढ़ा और दैनिक जागरण की वेबसाइट पर इस खबर को पोस्ट किया गया जब इस खबर की जानकारी कुशीनगर पुलिस को मिली तो कुशीनगर पुलिस ने अपने ट्विटर हैंडल पर इस खबर के बारे में विस्तृत जानकारी दी उन्होंने कहा कि हमने लोगों को गिरफ्तार किया है और जांच के लिए इनके सैंपल लिए गए हैं और इनकी रिपोर्ट नेगेटिव आई है इसके बाद इन्हें कोरेंटिन कर दिया गया है कुशीनगर पुलिस ने यह भी बताया कि हमने यह जानकारी जुटाई हैं जो लोग गिरफ्तार किए हैं इन लोगों का ताल्लुक तबलीगी जमात के लोगों से नहीं है और मीडिया ऐसी खबरें ना चलाएं। जिससे समाज में तनाव फैले। इस खबर को एक्सपोज उत्तर प्रदेश की योगी की पुलिस ने किया । आप भी देखिए यह वीडियो क्या कह रही है कुशीनगर पुलिस

कठुआ मामले में चलाई थी फर्जी खबर

हमने नीचे उस अखबार की कटिंग को संगलन किया है आप देख सकते हैं और गूगल पर सर्च भी कर सकते हैं कि इस खबर को झूठ का सहारा देकर कैसे प्रसारित किया गया था बाद में यह अखबार एक्सपोज हुआ था  इस समाचार पत्र ने सांस रुकने के बाद हार्ट अटैक होने से बताई थी जो सरासर झूठी थी इसके बाद समाचार पत्र ने दिल्ली शाहीन बाग प्रदर्शन को लेकर एक खबर चलाई थी शाहीन बाग में प्रदर्शनकारी प्रदर्शन कर रहे थे इसमें कोरोनावायरस से संक्रमित 6 मामले पाए गए हैं ।

यह खबर छपने के बाद न्यूजलॉन्ड्री वेबसाइट ने इस खबर को एक्सपोज किया उन्होंने जब इस खबर की पड़ताल की तो पड़ताल में पाया गया कि ऊपर हेड लाइन में तो लिख दिया किस शाहीन बाग के 6 प्रदर्शनकारी कोरोनावायरस की चपेट में लेकिन जब उस खबर को अंदर पढ़ा गया तो उसमें उन्होंने बड़ी चतुराई के साथ खबर को ही बदल दिया इस खबर के अनुसार अगर गौर करेंगे तो उसमें लिखने वाले को यही पता नहीं है किस देश शाहीन बाग के प्रदर्शन का हिस्सा थे या नहीं थे बाद में उसने लिखा कि बताया जा रहा है कि यह शाहीन बाग में जो प्रदर्शन चल रहा था उसमें यह लोग शामिल हुए थे।

अब सवाल ये है कि इन फर्जी खबरों चलाने वालों पर पर हमारे देश में रोक लगनी चाहिए कि नहीं लगनी चाहिए । फर्जी खबरें चलाने वालों पर कार्रवाई होनी चाहिए कि नहीं होनी चाहिए । एक बार फिर हम दोवारा पूछ रहे है कि मित्रों कार्रवाई होनी चाहिए कि नहीं होनी चाहिए।