30 जनवरी को कोरोनावायरस का भारत में पहला मामला, 24 फरवरी को नमस्ते ट्रंप कार्यक्रम में लाखों की भीड़, और 25 मार्च को लॉक डाउन

30 जनबरी को पहला मामला

भारत में क्रोना भारत संक्रमण का पहला मामला 30 जनवरी को आया। यह कोरोनावायरस संक्रमण का पहला मामला केरल से आया था जहां एक छात्र की कोरोना वायरस की पुष्टि की गई थी और इस घटना की जानकारी पीआईबी इंडिया ने अपने टि्वटर पर ट्वीट करके बताई।

इस घटना के बाद भी हवाई जहाज आसमान में उड़ते रहे दूर देशों से कोरोना वायरस संक्रमित लोग भारत में आते रहे। बड़ी बात यह है कि यह जितने लोग विदेशों से भारत लौटे थे इनकी किसी की भी उस वक्त जांच नहीं की गई थी। और हर कोई इस कोरोनावायरस खतरनाक बीमारी से अनजान था। जब 30 जनवरी को भारत में कोरोनावायरस संक्रमण का पहला मामला आया था तब उसी वक्त भारत सरकार को हवाई यात्रा पर जांच शुरु कर देनी थी। हालांकि कनिका कपूर भी विदेश से लौटी थी। और भाई बिना जांच कराए घर आ गई ।बाद में एक कार्यक्रम करती हैं। उसके बाद कनिका कपूर में लक्षण दिखाई देने लगते हैं और फिर स्वास्थ्य विभाग की टीम कोरोनावायरस की पुष्टि करता है।

24 फरबरी को नमस्ते ट्रम्प

जिस वक्त गुजरात के अहमदाबाद में नमस्ते ट्रंप कार्यक्रम हुआ उस से 24 दिन पहले कोरोना वायरस का संक्रमण भारत में आ चुका था। भारत में पहला कोरोनावायरस मामला आने के बाद लाखों की भीड़ गुजरात के अहमदाबाद में मोटेरा स्टेडियम में जमा की गई। सभी लोग इस बात से खुश थे कि हो सकता है अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भारत के लिए कोई सौगात लेकर आए हो लेकिन हकीकत यह थी वह भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सहारे सिर्फ अपना उल्लू सीधा करने आए थे। लेकिन ये बात को मोदी जी के भक्तों के समझ में नहीं आई थी। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कार्यक्रम में आने से पहले कहा ‘ कि एयरपोर्ट पर 70 लाख लोग ट्रंप का स्वागत करेंगे’

कार्यक्रम के बारे में क्या चर्चा की जाए इस कार्यक्रम में जो हुआ सभी को मालूम है कैसे गरीबों को छुपाने के लिए दीवार बनाई गई थी।

और गुजरात के अहमदाबाद के मोटेरा स्टेडियम में डोनाल्ड ट्रंप का भाषण सुनने के लिए लाखों की भीड़ जुटाई गई। सवाल यह है कि इतनी भीड़ में क्या कोरोनावायरस संक्रमण नहीं फैला होगा क्योंकि भारत में पहला कोरोनावायरस मामला 30 जनवरी को आ चुका था। लेकिन आज तक इस मुद्दे पर चर्चा ही नहीं की गई। बल्कि भारत की गोदी मीडिया ने नमस्ते ट्रंप कार्यक्रम की बढ़ चढ़कर तारीफ की।

25 मार्च को सम्पूर्ण देश मे लॉक डाउन

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 24 मार्च रात 8 बजे राष्ट्र को संदेश दिया कि आज रात 12 बजे के बाद संपूर्ण देश में लॉक डाउन किया जाता है लोग अपने घरों से ना निकले अपने घरों में ही सुरक्षित रहें। लेकिन यह लॉक डाउन तब किया गया था जब भारत में कोरोनावायरस संक्रमण अपने पैर पसार चुका था। कुछ भक्त यह कहते हैं कि मोदी जो काम करता है उस काम का विरोधी विरोध करते हैं। लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा लगाए गए लॉक डाउन का किसी ने विरोध किया है।

क्या आज यह सवाल नहीं उठता कि जब कोरोना वायरस का मामला भारत में आ चुका था और चीन में कोरोनावायरस फैल चुका था उस वक्त इस कार्यक्रम को क्यों नहीं रोका गया। और अगर कोरोनावायरस खतरनाक बीमारी का खतरा मोल लेते हुए यह कार्यक्रम किया भी गया तो इस कार्यक्रम से देश को क्या फायदा हुआ। क्या यह सवाल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से पूछना नहीं चाहिए।