वीडियो : आजतक चैनल के दंगल कायर्क्रम में राजीव त्यागी की हुई थी संबित पात्रा से आखिरी बहस , कहा था दिल में लगा टीका , और कह

कांग्रेस के प्रवक्ता राजीव त्यागी ने आज तक चैनल पर संबित पात्रा के साथ आखरी बहस में शामिल हुए थे। आज तक के इस कार्यक्रम का नाम है दंगल और दंगल शब्द का अगर आप अर्थ निकाले तो दंगल का मतलब यह होता है कि आप राजीव त्यागी की आखिरी की भी डेट को देखिए आप को दंगल जैसा ही दिखाई देगा। अगर आखरी टीवी डिबेट को आप देखेंगे तो आपको ऐसा लगेगा कि डिलीट नहीं हो रही है बल्कि कोई टीवी पर झग ड़ा हो रहा है।

सबसे बड़ी बात यह है कि जो इन सभी प्रवक्ताओं को जोड़कर कर अपनी कार्यक्रम में लेकर आया है जब इन दोनों में इस प्रकार की बहस होती है तो वह बिल्कुल खामोश रहता है । आप उस टीवी को बहस को देखिए कि किस तरीके से संबित पात्रा राजीव त्यागी से टीका लगाने को कह रहे हैं। और यह आज कोई नई बहस नहीं है हर रोज टीवी पर ऐसी ही बहस होती हैं दंगल होते हैं।

और जिस प्रकार की टीवी डिबेट पिछले कई सालों से इस टीवी पर हो रही है न जाने कितने लोगों की नौकरियां चली गई और उस वक्त न कोरोनावायरस था और ना कोरोनावायरस के कारण लॉकडाउन लगा था लॉकडाउन लगने के बाद नौकरी जाने की संख्या बढ़ती रही लेकिन कभी टीवी डिबेट पर नौकरी पर चर्चा नहीं हुई अर्थव्यवस्था को लेकर चर्चा नहीं हुई देश की जो आर्थिक समस्याएं हैं उन पर कभी चर्चा नहीं हुई।

राजीव त्यागी हमेशा इन मुद्दों को टीवी न्यूज़ चैनल में लेकर आए लेकिन इन मुद्दों को दबा दिया गया आर्थिक समस्या युवा को रोजगार नौकरियां जाने का कारण यह सब मुख्यधारा के मीडिया चैनलों की डिबेट में कोई मायने नहीं रखता। क्योंकि मीडिया की नजर में अर्थव्यवस्था बेरोजगारी की समस्या यह मुद्दा नहीं है। कुछ ऐसे एंकर गोदी मीडिया के चैनलों पर बैठे हुए हैं जो हर रोज टीवी डिबेट में चीख-पुकार करते हैं और आज उसी चीख-पुकार का यह नतीजा हमारे सामने है।

जिस प्रकार की टीवी डिबेट आज हो रही है और संबित पात्रा टीवी डिबेट में जिस प्रकार अपना रवैया अपनाते हैं भाषा का चयन करते हैं इससे हटकर अगर बेरोजगार महंगाई आर्थिक समस्याओं के सवालों पर अगर बहस कर ली जाए तो देश का कुछ फायदा हो जाएगा कोरोनावायरस संक्रमण देश में तेजी से बढ़ रहा है हर रोज कोरोनावायरस संक्रमित मरीजों की संख्या लगातार बढ़ती ही जा रही है लेकिन टीवी न्यूज़ चैनलों में कोरोनावायरस पर चर्चा क्यों नहीं होती।

क्योंकि मुख्यधारा के मीडिया चैनलों की डिबेट में कभी भी सत्ताधारी प्रवक्ताओं से सवाल नहीं पूछे गए जिस प्रकार से विपक्ष को हर डिबेट में निशाना बनाया गया। जब देश में भारत चीन का तनाव था तब उस वक्त भी मुख्यधारा के मीडिया चैनलों ने विपक्ष के प्रवक्ताओं को निशाना बनाया था वह विपक्ष के प्रवक्ताओं से सवाल पूछ रहे थे। जिस तरीके की हिंदू मुस्लिम डिबेट टीवी पर चलती है उससे हमारे बच्चों पर बहुत बुरा असर पड़ रहा है

आज हर कोई राजीव त्यागी की एक आखरी डिवेट को लेकर सवाल उठा रहा है। जो भी आजतक के कार्यक्रम दंगल की आखिरी डिबेट को देख रहा है। उस डिबेट पर उस डिबेट में चीख-पुकार कर रहे प्रवक्ताओं पर सवाल उठा रहे हैं कि देश में कोरोनावायरस संक्रमण को लेकर हालात क्या से क्या होते जा रहे हैं। टीवी पर इस प्रकार की चीख-पुकार की डिबेट चल रही हैं।

कोरोनावायरस संक्रमण काबू होता भारत में नहीं दिख रहा है पिछले 24 घंटे के घर बात की जाए तो 67 हजार से ज्यादा अभी तक केसा चुके हैं पिछले 24 घंटे में कोरोनावायरस संक्रमण की वजह से 942 लोगों की मृत्यु हुई है। कोरोनावायरस संक्रमण भारत में इतना फैल रहा है। संख्या बढ़ते बढ़ते इतनी पहुंच गई है कि विश्व में सबसे आगे निकल गई है क्या आपने कोरोनावायरस केस मुद्दे पर कभी टीवी पर डिबेट देखी।

हां जरूर देखी होगी जब दिल्ली में तबलीगी जमात का मामला सामने आया था उस वक्त कोरोनावायरस को लेकर खतरा बताया जा रहा था और सारा दोष मुस्लिमों पर मढ़ दिया गया था। और उस वक्त भी तबलीगी जमात को लेकर ढेर सारे कार्यक्रम टीवी डिबेट में किए गए। लेकिन तब टीवी डिबेट में कोरोनावायरस को लेकर डिवेट की गई लेकिन आज भारत में 67000 से ज्यादा मामले आ चुके हैं तब डिवेट नही हुई ।

दरअसल बेंगलुरु में विधायक का भतीजा आपत्तिजनक पोस्ट कर देता है और उसके बाद हिं सा फैल जाती है। और इसी को लेकर टीवी पर डिबेट चल रही होती है और उस कार्यक्रम का नाम होता है दंगल यह दंगल कार्यक्रम आज तक पर हो रहा होता है जिसमें भारतीय जनता पार्टी के प्रवक्ता संबित पात्रा जोर-जोर से चिल्लाते हुए नजर आ रहे हैं और और यह डिबेट राजीव त्यागी की आखिरी डिबेट थी।