बड़ी संख्या में लोग काम ना मिलने पर फिर से लौट रहे हैं घर , महंगाई और बेरोजगारी से परेशान आम इंसान , पढ़े पूरी ख़बर

देश में जब लॉकडाउन लगाया गया था। तब देश में सब कुछ बंद हो गया था यहां तक कि जो लोग अन्य राज्यों के लोग मुंबई दिल्ली में काम करने गए थे वह सब फस गए थे। लेकिन यह लोग किसी ना किसी जुगाड़ से घर आ गए थे और कुछ लोग वही रोजगार के चक्कर में रुक गए थे लेकिन जिन लोगों के पास पैसे नहीं थे वह लोग घर की ओर चल पड़े थे उस वक्त लोगों को क्वारंटाइन भी किया जा रहा था लेकिन अब क्वॉरेंटाइन नहीं किया जा रहा है।

जब लोग घर आए उन्होंने सोचा कि शहर में रोजगार नहीं है चलिए अपने घर के आस-पास कुछ रोजगार ढूंढते हैं जब लोग गांव पहुंचते हैं पहुंचने के बाद पता चला कि वहां भी कोई काम नहीं है । 3 महीने तक तक लोगों की कोई कमाई नहीं हुई और भारत में न जाने ऐसे कितने लोग होंगे कि 3 महीने से बेरोजगार हैं उनके पास कोई भी कमाई का जरिया नहीं है। क्योंकि यह लोग अपने गांव इसलिए गए थे क्योंकि इन्होंने सोचा था कि हो सकता है गांव के आस पास कोई काम मिल जाए।

इसके बाद गांव में काम ना मिलने के बाद यह लोग लॉकडाउन खत्म होने के बाद शहर फिर से वापस आ गए। लॉकडाउन को अनलॉक किया गया है। और इन्होंने सोचा कि हो सकता है अब कंपनियां चालू हो गई हों और काम मिल जाए इसीलिए खाने का सामान और जरूरत का सामान बांधकर यह लोग शहर वापस आ गए और जब देखा। कि वहां शहर में भी कोई काम नहीं है कंपनियां बंद हो गई हैं और लोग अपने घरों को चले गए हैं।

लोगों ने कई दिन इस इंतजार में काट दिए कि हो सकता है शहर में कोई ना कोई काम मिल जाए लेकिन जो पैसे पास थे वह भी खर्च होने लगे जो घर से इंतजाम करके लाए थे। लेकिन कई दिन रुकने के बाद भी काम नहीं मिला लोगों को निराशा ही मिली। अंत में जब रोजगार नहीं मिला तो लोगों ने फिर से घर जाने का फैसला ले लिया दिल्ली और मुंबई स्टेशनों पर भीड़ लगी हुई है घर जाने के लिए। और लॉक डाउन की वजह से बड़ी संख्या में प्रवासी मजदूरों की नौकरियां भी चली गई।