डॉक्टर कफील खान 29 जनवरी से जेल में बंद है , लेकिन अब यूपी सरकार और केंद्र सरकार से जवाब तलब

डॉ कफील खान गरीब और लाचारों की मदद में सबसे आगे रहे हैं सोशल मीडिया पर आज भी वह तस्वीर गवाही देती हैं कि डॉक्टर कफील खान किस तरीके से गरीबों की मदद के लिए आगे रहते थे जनबरी 2020 को कोरोनावायरस संक्रमण का पहला केस आया था लेकिन उस से 1 दिन पहले डॉक्टर कफील खान को जेल में डाल दिया गया। कोरोनावायरस संक्रमण चलते हुए उसके बाद अब तक डॉक्टर कफील खान जेल में ही है।

एक डॉक्टर पर जो मदद के लिए सबसे आगे रहता है और बच्चों को बचाने में भी बहुत बड़ा योगदान रहा था । लेकिन 10 दिसंबर 2019 को अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय यूनिवर्सिटी में एक बयान को देने के बाद उनको जेल में डाल दिया गया और उसके बाद उन पर रासुका लगा दी गई। भारत में कुछ ऐसे नेता हैं हर समय नफरतीबयान देते रहते हैं लेकिन आज तक उन पर सरकार ने कोई रासुका नहीं लगाई।

लेकिन अब डॉक्टर कफील खान को लेकर यह खबर आई है कि इलाहाबाद हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार और राज्य सरकार से जवाब तलब किया है । इलाहाबाद हाईकोर्ट ने रिहाई की मांग करने वाली याचिका को लेकर केंद्र सरकार और उत्तर प्रदेश की योगी सरकार से जवाब दाखिल करने के लिए कहा है। इस मामले की सुनवाई अब अगली 19 अगस्त को होगी। लेकिन डॉक्टर कफील खान योगी सरकार के निशाने पर जब से रहे हैं ।

जबसे गोरखपुर में उन्होंने ऑक्सीजन की कमी से डॉक्टर कफील खान ने बच्चों को बचाया था। वे तभी से सुर्खियों में आए थे और लोगों ने उनकी तारीफ भी की थी लेकिन इसके बाद डॉ कफील खान पर ही कार्रवाई जो गयी । ट्विटर पर लोग आज कफील खान को रिहा करने की मांग कर रहे हैं। इस समय देश में कोरोनावायरस संक्रमण चल रहा है प्रदेश में इस समय डॉक्टर को जेल में बंद कर रखा है। और वो डॉक्टर जो गरीबों की मदद में सबसे आगे रहा है ।