सबसे बड़ा मुद्दा है देश के किसानों का , उनके भी मामले की सीबीआई जांच होनी चाहिए , कि आखिर किसान ऐसा क्यों करते हैं

आपने खबरों में देखा होगा किसानों के कितने मामले अखबारों में सिर्फ छप कर रह जाते हैं वेब पोर्टल पर सिर्फ आर्टिकल बन कर रह जाते हैं। लेकिन किसानों को आज तक इंसाफ नहीं मिला आखिर किसान ऐसा क्यों करते हैं अपने गले में रस्सी क्यों लगा लेते हैं। एक भी किसान की सीबीआई जांच हुई है। क्योंकि भारत में नारा भी आपने सुना होगा जय जवान जय किसान तो जब किसानों के साथ ऐसे मामले सामने आते हैं तो किसानों की आतमह त्या की सीबीआई जांच होनी चाहिए।

देश में वरिष्ठ पत्रकारों ने किसानों की परेशानी को लेकर वह सवाल उठाए उन सवालों के बदले में सरकार ने कोई भी जवाब नहीं दिया चाहे वह किसानों के फसल के मूल्य को लेकर हो चाहे किसानों की फसल की अन्य परेशानियों को लेकर हो । लेकिन पिछले 6 सालों में किसानों के साथ जो हुआ है उसकी ढेरों मिसालें आपको अखबार में मिल जाएंगे पेड़ होगा पेड़ के पास किसान होगा। और एक रस्सी होगी। बस यही फोटो होगा ऊपर हेडलाइन होगी।

जब अखबार में फोटो आता है किसान का गांव में चर्चाएं होती हैं कि आज उस किसान के साथ ऐसा हो गया उस किसान के साथ क्या परेशानी थी सरकार ने कभी जानने की कोशिश ना की। आज तक किसी ने सोचा है कि किसान यह कदम क्यों उठाता है क्योंकि कर्ज का बोझ किसान के ऊपर इतना लग जाता है कि मैं सोचने पर मजबूर हो जाता है कि अब आगे क्या किया जाए। चाहे फसलों का मूल हो या फिर कर्ज़ हो।

भारत के किसानों के पास ज्यादातर धंधा से खेती ही होती है बस उनका यही व्यापार है। ऐसी बहुत सारी खबरें हैं किसानों को लेकर जिसमें उनका गन्ना नहीं देख पाया था और अपने खेती को लेकर परेशान थे कि उसका मूल्य कैसे निकाला जाए गन्ना बिक नहीं पाया लॉकडाउन भी चल रहा था उसके बाद कई किसानों के मामले सामने आए लेकिन उस पर ना तो कोई जांच हुई ना सरकार ने कभी कोई टिप्पणी की।

किसानों की आय को लेकर बड़े-बड़े दावे किए गए आय को समझाया गया कि आए किसानों की बढ़ रही है उसके लिए क्या किया गया एक कार्यक्रम रखा गया वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग की गई कॉन्फ्रेंसिंग में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक कार्यक्रम रखा जिसमें उनके सामने कुछ किसान बैठे हुए थे और उन किसानों की आय को लेकर चर्चा हो रही थी। उस समय कार्यक्रम भी बड़ा रंगमंच था क्योंकि आए की बात चल रही थी।

जब किसानों की आय को लेकर प्रधानमंत्री सवाल पूछते हैं कि आप की आय दोगुनी हुई है नहीं हुई यह एक महिला उसमें से कहती है हां पहले से अब दोगुनी हो गई है उसके बाद वरिष्ठ पत्रकार ने इस दोगुनी आय का खुलासा किया। फिर बाद में ग्राउंड रिपोर्ट करने के बाद पता चला कि उस महिला को पहले से ही सब कुछ बता दिया था कि आपको यह कहना है कि आए हमारी दोगुनी हो गई है यह खबर एबीपी न्यूज़ में पुण्य प्रसून बाजपेई लेकर आए थे इसके बाद उन्हें अपनी नौकरी से हाथ धोना पड़ा।

पुण्य प्रसून बाजपेई वरिष्ठ पत्रकार आए दिन किसानों को लेकर उनकी परेशानी को लेकर चर्चा करते रहते हैं। लेकिन सबसे बड़ी बात यह है कि पूरे भारत में किसान आ त्मह त्या कर रहे हैं । लेकिन कभी किसान की इस कदम को उठाने को लेकर सीबीआई जांच नहीं अगर सीबीआई जांच होती तो कम से कम पता चल जाता किसान के पास ऐसी क्या मजबूरी थी जिसके चलते हुए किसान ने कदम उठाया।