बड़ी खबर : अमेरिका में नौकरी का सपना देखने वाले युवाओं को को लगा झटका , ट्रंप ने वाइट हाउस के ऑफिस में आदेश पर…..पढ़े पूरी ख़बर

भारत में छात्रों को पहले से ही नौकरी नहीं थी और जो छात्र अमेरिका में काम कर रहे थे उनकी भी नौकरी जा चुकी है और लोग घर भी आ गए हैं। पूरे विश्व में कोरोनावायरस को लेकर अर्थव्यवस्था चौपट हो गई है लेकिन भारत की अर्थव्यवस्था पहले से ही चौपट थी और जैसे ही कोरोनावायरस संक्रमण भारत में फैला भारत की अर्थव्यवस्था और भी चौपट हो गई। लेकिन भारत के युवाओं को जो अमेरिका में नौकरी करने का सपना देख रहे हैं उन भारतीय युवाओं को ट्रंप लगातार झटका दे रहे हैं।

क्योंकि अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने H-1B विजा को लेकर एक नया आदेश जारी किया है। लेकिन इस आदेश में भारतीय युवाओं को बहुत बुरा असर पड़ेगा क्योंकि इस आदेश में कहा गया है कि अमेरिका में कोई भी कंपनी हो वह H-1B जा पर कर्मचारियों को नौकरी नहीं दे सकती। लेकिन इस आदेश से जो भारतीय युवा अमेरिका में नौकरी का सपना देख रहे हैं । उन भारतीय युवाओं को कहीं ना कहीं मुश्किलें खड़ी होती दिख रही हैं।

ऐसे में सवाल उठता है कि जब अमेरिका में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हाउडी मोदी कार्यक्रम करने गए थे तब उस कार्यक्रम का क्या फायदा हुआ उस वक्त भी भारतीय गोदी मीडिया चैनल जमकर तारीफ कर रहे थे कि इस कार्यक्रम से भारत के युवाओं को रोजगार मिलेगा और आर्थिक मुद्दों पर बढ़ोतरी मिलेगी तमाम तरीके की खबरें गोदी मीडिया के चैनल पर प्रचारित और प्रसारित होने लगी। लेकिन उस हाउडी मोदी कार्यक्रम का कोई भी फायदा भारत के युवाओं को नहीं हुआ।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जब हाउडी मोदी कार्यक्रम किया था तब उस वक्त प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी यह कहते हुए नजर आए थे कि अबकी बार ट्रंप सरकार यानी कहीं ना कहीं ऐसा हो रहा था कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सिर्फ ट्रंप का चुनाव प्रचार करने गए थे लेकिन आज भारतीय युवाओं को लगातार दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है भारतीय युवाओं को पहले से ही भारत में नौकरी नहीं थी इसलिए वह विदेश में नौकरी तलाशते थे लेकिन अब वह भी धीरे-धीरे सहारा बंद हो रहा है ।

दूसरी बात जब अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भारत में आए उसकी तैयारियां भी जोर जोर से हुई और उस कार्यक्रम का नाम रखा गया था नमस्ते ट्रंप गरीबों को छुपाया गया दीवारें खड़ी की गई गोदी मीडिया के चैनलों पर वाहवाही के पुल बांधे गए । ज़ी मीडिया के एंकर भी चिल्ला चिल्ला कर कह रहे थे कि अब इस नमस्ते ट्रंप कार्यक्रम से आर्थिक मुद्दों पर चर्चा होगी और डील भी होगी लेकिन ऐसा कुछ नहीं हुआ। उस नमस्ते ट्रंप कार्यक्रम से आज भी कोरोनावायरस को लेकर सवाल उठ रहे हैं।

भारत में भी कोरोनावायरस की महामारी की वजह से कंपनियां बंद हो रही हैं और पहले भी जब देश में सब कुछ ठीक था और कोना वायरस नहीं था तब भी कंपनियां बंद हो रही थी नौकरियां जा रही थी उस वक्त भी लोगों ने सवाल खड़े किए लेकिन उन सवालों का सरकार पर कोई असर नहीं। विपक्ष के लोग नौकरी को लेकर सवाल उठाते रहे। लेकिन विपक्ष के सवाल उठाने से सरकार पर कोई फर्क नहीं पड़ा और न्यूज़ चैनल ने भी नौकरियों को लेकर कोई सवाल नहीं किया।

युवाओं को उस समय पकोड़ा तलने की सलाह दी जा रही थी जिस वक्त देश में कोरोनावायरस का संक्रमण नहीं था वह वक्त था युवाओं पर ध्यान दिया जाता उनको रोजगार देने पर ध्यान दिया जाता। लेकिन जो भारतीय युवा अमेरिका में नौकरी का सपना देख रहे थे अब उनको कहीं ना कहीं झटका लगता हुआ दिखाई दे रहा है। जो नया आदेश H-1B वीजा को लेकर हुआ है उस पर अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दस्तखत भी कर दिए हैं।