जब मदद के लिए आया हेलीकॉप्टर तो गरीब के उड़ गए 25 हज़ार , विस्तार से पढ़ें पूरी खबर

भारत में कोरोनावायरस के साथ-साथ भारत के कुछ राज्य बाढ़से भी ग्रस्त हैं। जहां और राज्य भारत में कोरोना वायरस के संक्रमण से जूझ रहे हैं वहीं बिहार एक राज्य है जो कोरोनावायरस के साथ-साथ बाढ़ की परेशानी से भी जूझ रहा है कई लोग घरों से बेघर हो गए हैं उनके घरों में रहने के लिए जगह नहीं है घरों में पानी भर चुका है खाने पीने का सामान नहीं है इन गरीब की आवाजों को मीडिया नहीं सुनती है। पानी भरने की वजह से लोग मकानों की छतों पर बैठे हुए हैं।

पानी का भराव इतना हो गया है कि अब रहने के लिए जगह नहीं है घर की छत पर बैठकर किसी तरीके से खाना पकाया जा रहा है और पेट भरा जा रहा है। लेकिन सबसे बड़ी बात यह है कि बिहार में कुछ लोग अब भी मदद के लिए पानी में घुसकर पहुंच रहे हैं। इसी बिहार में कुछ दिनों बाद चुनाव होने वाले हैं और चुनावी तैयारियां जोरों शोरों पर है नेता अपने बयान देने पर लगे हुए हैं और वही कोरोनावायरस संकट प्यार में भी तेजी से बढ़ रहा है।

की तरकीब से जो लोग बाढ़ से परेशान हैं उन्हें मदद पहुंचाई जा रही है ट्राली उसे भरकर लोग खाना परेशान लोगों तक ले जा रहे हैं और उनकी मदद पहुंचा रहे हैं। क्योंकि बिहार कोरोनावायरस के साथ-साथ बाढ़ से भी जूझ रहा है। लेकिन फिर भी वहां की सरकार को कोई चिंता नहीं है सभी लोग आगामी चुनाव की तैयारी में लगे हुए हैं उस पर ज्यादा ध्यान दिया जा रहा है।

बिहार से एक खबर आ रही है कि जब हेलीकॉप्टर मदद करने पहुंचा तो गरीब के 25000 उड़ गए लेकिन यह खबर सुनने के बाद लोग सोचते होंगे कि गरीब के 25000 कैसे उड़ गए। कि जब भी बाढ़ आती है तो लोग अपना धनराशि रुपया पैसा किसी सुरक्षित स्थान पर ले जाने की कोशिश करते हैं लेकिन वैसा ही इस गरीब बुजुर्ग ने किया अपनी मेहनत की कमाई को इसने अपनी छतरी में रख लिया था।

गोपालगंज के बरौली के नेउरी गांव के रहने वाले हैं यह बुजुर्ग शिव जी चौधरी जिन्होंने अपनी मेहनत की कमाई को बाढ़ से बचाकर छतरी में रखा था। छतरी में किसी तरकीब से बटुए में पैसे रखकर छतरी में रख लिए थे क्योंकि बाढ़ का पानी घर में घुस गया था। जब हेलीकॉप्टर मदद करने के लिए आया तो हेलीकॉप्टर के पंखे की हवा इतनी तेज थी जिससे शिवजी चौधरी की छतरी उड़ गई। हवा तेज होने के कारण छतरी में रखे बटुए का पता नहीं लग सका और पैसों से भरा बटुआ कहीं उड़ गया।

बुजुर्ग ने अपनी मेहनत की कमाई से वह पैसा इकट्ठा किया था । बटुए में ₹25000 रखे हुए थे बुजुर्ग शिव जी चौधरी ने भैंस बेचकर इकट्ठे किए थे। जितने रुपए में भैंस बिकी थी और पास थे । सभी रुपए बटुए में रखकर उन्होंने छतरी में रख लिए थे क्योंकि उनके घर में बाढ़ का पानी घुस गया था जब मदद के लिए हेलीकॉप्टर आया सामग्री बांटने लगा तो हेलीकॉप्टर के पंखे की हवा इतनी तेज थी कि छाता उड़ गया छाते में रखा हुआ बटुआ भी उड़ गए।

बुजुर्ग शिवजी चौधरी का रो रो कर बुरा हाल है। क्योंकि यह ₹25000 उनकी मेहनत की कमाई थी उन्होंने भैंस बेचकर इकट्ठे किए थे अब उनके पास कुछ भी नहीं है । बुजुर्ग शिवजी चौधरी बाढ़ से परेशान थे। बिहार में इस समय कोरोनावायरस और बाढ़ से लोग बहुत परेशान हैं उनकी मदद करने की जरूरत है सरकार को चाहिए कि उनकी ज्यादा से ज्यादा मदद की जाए।