मध्यप्रदेश : क्या मिला गरीब बच्चे के अंडे के ठेले को पलट कर , कोरोनावायरस काल में अंडे बेंचकर 14 साल का बच्चा परिवार का गुजारा कर रहा था

मध्य प्रदेश यहां तो कोरोनावायरस काल में सरकार बनी है। इसी सरकार को बनाने के चक्कर में लॉकडाउन को भी आगे बढ़ाया गया था। यहां रोड के किनारे 14 साल का बच्चा कोरोनावायरस काल में अंडे भेज कर अपना गुजारा कर रहा था। 14 साल का बच्चा था ज्यादा बड़ा भी नहीं था ।। हो सकता है उसके परिवार की जिम्मेदारी उसी पर हो। क्योंकि सरकार तो जनता को आत्मनिर्भर पहले से ही बना चुकी है।

यह 14 साल का गरीब मासूम रोड पर अंडे का ठेला लगाकर अपना परिवार चलाता था लेकिन नगर निगम वालों ने उस का ठेला पलट दिया सारे अंडे उसके फोड़ दिए गए। इस गरीब बच्चे ने रोते हुए बताया। गोदी मीडिया से खबर लापता है इसे मोज़ों स्टोरी ने कवर किया था। इस 14 साल के बच्चे ने अंडे खरीदे थे और उनको रोड किनारे बेचने का काम किया करता था जब नगर निगम वालों ने इसके ठेले को पलट दिया।

तब इस बच्चे ने कैमरे के सामने खुद अपनी कहानी रोते हुए बताई । लेकिन उस वक्त भी कोई नहीं माना। उन नगर निगम कर्मियों को भी इस बच्चे कि कोई बात नहीं सुनी। आपको मालूम है जब से भारत में कोरोना वायरस फैला है तब से मजदूरों की क्या हालत हो रही है उन्हें ढंग से काम भी नहीं मिल पा रहा है जैसे तैसे वो रोड किनारे गुजारा कर रहे हैं और इसी तरीके से यह बच्चा भी अपने परिवार का गुजारा कर रहा था । लेकिन फिर भी नगर निगम कर्मियों ने उस का ठेला पलट दिया।

सोशल मीडिया पर यह वीडियो काफी वायरल हो रहा है इस वीडियो को लेकर कई लोग मध्य प्रदेश सरकार से सवाल पूछ रहे हैं कि ऐसे में गरीब मजदूर परिवारों का कमाना बहुत मुश्किल हो रहा है सबसे कोरोनावायरस काल भारत में शुरू हुआ है। क्योंकि सरकार ने जनता को लॉकडाउन में आत्मनिर्भर बना दिया था। और जहां यह घटना हुई है वहां तो सरकार लॉकडाउन में ही बनी थी। इसकी वजह से लॉकडाउन को आगे बढ़ाया गया था । लेकिन यह 14 साल का बच्चा अंडे बेच कर अपने परिवार का गुजारा कर रहा था नगर निगम को इसका ठेला पलटने की क्या जरूरत थी।