पटना-बिहार : कोरोनावायरस संक्रमण के चलते हुए बिहार में 400 नर्सें गई हड़ताल पर , बिहार में मरीजों को नहीं मिल रहे हैं बेड

भारत बिहार राज्य में कोरोनावायरस संक्रमण लगातार बढ़ रहा है प्रतिदिन आने वाले आंकड़े भी बढ़ रहे हैं लेकिन सरकार अपनी सरकार दोबारा बनाने में व्यस्त है केंद्र सरकार कोरोनावायरस के चलते हुए अपनी सरकार के पिछले कामों की उपलब्धियां गिना रही है क्या यह उपलब्धि गिनाने का वक्त है यह वक्त तो कोरोनावायरस को रोकने का वक्त है जो कि बिहार में हालात खराब होते जा रहे हैं।

अब खबर यह आई है कि बिहार में 400 नर्सें हड़ताल पर चली गई है उनकी सरकारों से मांग थी। और उसके बाद यह सभी नर्सें हड़ताल पर चली गई और इनका खामियाजा मरीजों को उठाना पड़ रहा है। बिहार के पटना में एम्स हॉस्पिटल है जहां कोरोनावायरस संक्रमित मरीजों का इलाज चल रहा है और इसी अस्पताल की 400 नर्स हड़ताल पर चली गई है।

यह नर्स ऐसे वक्त पर हड़ताल पर गई हैं जिस वक्त बिहार में कोरोना वायरस संक्रमण बढ़ रहा है। बिहार की स्थिति सोशल मीडिया के जरिए सामने आ रही है लेकिन मुख्यधारा की मीडिया चैनलों पर सामने नहीं आ पा रही है। मुख्यधारा के मीडिया चैनल को देखोगे तो बिहार में सब कुछ चंगा सी दिखाई देगा। लेकिन हकीकत सोशल मीडिया पर निकल निकल कर सामने आ रही है।

लॉकडाउन के समय बिहार के लोग दिल्ली और मुंबई में काम कर रहे थे उस वक्त भी इन लोगों पर सरकार ने कोई ध्यान नहीं दिया था जब यह लोग पैदल अपने घरों को लौट रहे थे उस वक्त भी इन लोगों के पक्ष में बोलने वाला कोई नहीं था इन लोगों के हक में सवाल करने वाला कोई नहीं था और जब यह लोग सड़क पर पैदल चल कर अपने घर को लौट रहे थे सबसे बड़ी बात मुख्यधारा के मीडिया चैनलों ने इनके दुख दर्द को कभी भी अपने चैनल पर नहीं दिखाया।

अब जब कोरोनावायरस संक्रमण बिहार में फैला तो स्थिति वहां यह है कि वहां मरीजों के लिए बेड नहीं है। मरीजों का ढंग से इलाज नहीं हो पा रहा है अस्पतालों में पानी भर रहा है अस्पतालों की हालत बद से बदतर है और सबसे बड़ी बात वहां कुछ दिनों बाद चुनाव भी होने वाले हैं। और जिस पर सरकार का पूरी तरीके से फोकस है लेकिन कोरोनावायरस पर फोकस नहीं है। क्योंकि अगर कोरोनावायरस पर सरकार का फोकस होता तो स्वास्थ्य सुविधाओं को ठीक किया जाता।

और मरीजों को जो दिक्कत हो रही है वह दिक्कत देखने को नहीं मिलती और ना ही सोशल मीडिया पर ऐसी तस्वीरें वायरल होती। सोशल मीडिया पर बिहार की स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को लेकर फोटो और वीडियो लगातार वायरल हो रहे हैं लेकिन फिर भी मुख्यधारा के मीडिया चैनल बिल्कुल इन तस्वीरों पर खामोश हैं। कोई मीडिया बिहार की सरकार से सवाल पूछने को तैयार नहीं है कि यह मरीजों को दिक्कत क्यों हो रही है।

बिहार में अभी लगभग 30,000 से ज्यादा कोरोनावायरस संक्रमित मरीजों की संख्या है तो सिर्फ इतनी मामलों पर बिहार के अस्पतालों की हकीकत सामने नजर आ रही है। लेकिन जिस तरीके से मामले बढ़ते चले जा रहे हैं और बिहार में मामले बढ़े और सरकार ने सही वक्त पर स्वास्थ सुविधाओं पर ध्यान नहीं दिया तब बिहार में हालात बद से बदतर हो जाएंगे क्योंकि जिस तरीके से मरीजों की तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल हो रही हैं। उस पर गोदी मीडिया बिल्कुल चुप है।