जब भाई और पिता की चली गई नौकरी , तो बैडमिंटन प्लेयर बेटी बेचने को मजबूर हुई , पीएम मोदी से लगाई मदद की गुहार

भारत में बेरोजगारी का आलम यह नया नहीं है बल्कि कुछ सालों से चला आ रहा है लोगों की नौकरियां जाती रहीं। ऐसे ऐसे फैसले लिए गए बैंक के बंद होती रहे लेकिन किसी को कोई फर्क नहीं पड़ा जैसा चल रहा था वैसे भी आगे चलता रहा। लोग नौकरी जाने पर सवाल करते रहे युवाओं को नौकरी नहीं मिल रही थी उनके माता-पिता छात्र सवाल कर रहे थे लेकिन उसका भी कोई असर नहीं दिखा

अपने उत्तर प्रदेश में ही देखा होगा कि वहां 69000 शिक्षकों की भर्ती का क्या हुआ कोई छात्रों के सवालों को लेकर कोई परेशान नहीं है चलो मान लेते हैं आज कोरोनावायरस है पहले भी नौकरी पर कब सवाल हुए युवाओं को रोजगार पर कब से सवाल हुए। जिन लोगों ने नौकरी पर और बेरोजगारी पर सवाल उठाए उन्हें जमकर ट्रोल किया गया उनका मजाक बनाया गया। अर्थव्यवस्था पहले से ही चौपट है और कोरोनावायरस आते ही और ज्यादा चौपट हो गई।

देश में जब से कोरोनावायरस फैला है तब से न जाने कितने भारतीयों की नौकरी चली गई कितने विदेश में नौकरी कर रहे थे उनकी नौकरी चली गई लेकिन किसी को कोई फर्क नहीं पड़ता ऐसी ही कहानी है उत्तर प्रदेश के राधा ठाकुर की उत्तर प्रदेश के आगरा की रहने वाली हैं बैडमिंटन चैंपियन रह चुकी हैं। कोरोना वायरस की वजह से लॉकडाउन में भाई की और पिता की नौकरी चली गई।

उत्तर प्रदेश के आगरा जिले से राधा ठाकुर सात बार जिले में चैंपियन बन चुकी हैं। राधा के भाई का नाम संजू है और राधा ठाकुर के भाई की इसी साल नौकरी चल लगी थी और फिर कंपनी वालों ने उन्हें लॉक डाउन के समय नौकरी से निकाल दिया। और राधा ठाकुर के भाई को भी घर लौटना पड़ा राधा ठाकुर के पिता आगरा में ही एक प्राइवेट नौकरी में काम करते थे और लॉकडाउन के चलते ही उनकी नौकरी भी चली गई।

जब पिता और भाई दोनों बेरोजगार हो गए तब बेटी राधा ठाकुर के पास कोई चारा नहीं था तब उसने बैडमिंटन चैंपियन में मिले हुए रैकेट बेंचे । उत्तर प्रदेश के आगरा की बेटी जो कभी बैडमिंटन में चैंपियन रही हो आज उसका परिवार बेरोजगारी की समस्या से गुजर रहा है। जो जमा पूंजी थी वह लॉकडाउन से अब तक सभी खर्च हो चुकी है और परिवार चलाना मुश्किल हो रहा है।

और इसी समस्या के चलते हुए राधा ठाकुर को जो बैडमिंटन चैंपियन टूर्नामेंट में जो रैकेट मिले थे उसे बेच दिए। क्योंकि उन पैसों से राशन खरीदा जा सके और कुछ दिन काटे जा सके। क्योंकि पिता और भाई की नौकरी चली गई थी और बेटी राधा ठाकुर भी कोरोनावायरस के चलते हुए बैडमिंटन नहीं खेल पा रही हैं क्योंकि कोरोनावायरस के समय में कोई खेल नहीं हो रहा है।

ऐसे में परेशान होकर बैडमिंटन चैंपियन बेटी राधा ठाकुर ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मदद की गुहार लगाई है बेटी राधा ठाकुर ने अपने परिवार के मदद के लिए केंद्र सरकार और राज्य सरकार से मांग की है कि उनके परिवार को मदद दी जाए कि उनका परिवार गुजारा कर सके। भारत में कोरोनावायरस की तेजी पकड़ रहा है जरा सावधान रहिए।