जब बाबा रामदेव की दवाई कोरोनिल बैन हो गयी थी तब , गोदी मीडिया के एंकर इस तरीके से कर रहे थे प्रचार , पढ़े पूरी खबर

जब बाबा रामदेव ने यह दावा किया कि उन्होंने कोरोनावायरस की दवाई बना ली है । लेकिन वह सरासर गलत था वह सिर्फ आपदा में अवसर था। लेकिन इस दवाई को लेकर गोदी मीडिया के एंकर बिना प्रमाण के और बिना जांच पड़ताल की इस दवाई पर प्रचार प्रसार करने लगे। क्योंकि बाबा रामदेव कोरोनावायरस की दवाई के विज्ञापन पर रोक लगा दिया था। तब इस दवाई का प्रचार प्रसार गोदी मीडिया के एंकर अपने कार्यक्रम में करने लगे थे।

बाबा रामदेव ने जब इस दवाई को लांच किया तब एक प्रेस कॉन्फ्रेंस रखी गई और उसमें बाबा रामदेव ने इसके बारे में बताया और कहा कि साथ 8 दिन में कोरोनावायरस बिल्कुल खत्म। बाबा रामदेव ने प्रेस कांफ्रेंस में यह बयान दिया था कि अगर कोरोनावायरस पॉजिटिव व्यक्ति इस दवाई को ले ले तो सात आठ दिन में मरीज नेगेटिव हो जाएगा। लेकिन यह सब बिना प्रमाण के था।

उसके बाद यह भी जानकारी नहीं मिली थी कि बाबा रामदेव ने यह दवाई किस पर ट्राइल की कौन-कौन से लोग ठीक हुए किस-किस से लोगों को इस दवाई से फायदा हुआ इसका कोई प्रमाण नहीं था इस मंत्रालय ने भी साफ इनकार कर दिया था कि इस दवाई के बारे में उन्हें कोई जानकारी नहीं है। इसके बाद बाबा रामदेव इस दवाई को लेकर अपने ही बयानों में फंसते हुए नजर आए।

बाबा रामदेव के सहयोगी आचार्य बालकृष्ण ने इसके बाद बयान दिया के कोरोना वैक्सीन नहीं है । और एक तरीके से वह बयान पलट गए। यानी बाबा रामदेव जी टीवी पर दावा कर रहे थे कोरोना की दवाई है । लेकिन बाद में कोरोना की दवाई के बयान पर फंसता हुआ देख आचार्य बालकृष्ण ने कहा यह कोरोना की दवाई नही है । यानी जिसने इस दवाई को बनाया उसी में ही बाद में यह कह दिया कि यह कोरोना की दवाई नहीं है

अब बात करते हैं गोदी मीडिया के एंकरों की कि वह किस प्रकार इस दवाई का प्रचार प्रसार करते रहे। सबसे ज्यादा प्रचार प्रसार ज़ी न्यूज़ ने किया उसने यह तक साबित कर दिया कि कोरोनावायरस की है वैक्सीन है। तो फिर इस दवाई पर बिना जांच पड़ताल किए इस पर कार्यक्रम करने लगे और कोरोनावायरस की दवाई को इन गोदी मीडिया के एंकरों ने कोरोनावायरस वैक्सीन साबित कर दिया था

गोदी मीडिया के चैनल ज़ी न्यूज़ सबसे ज्यादा बाबा रामदेव की तारीफ की और अपने चैनल पर दावा कर दिया कि भारत में पहली कोरोनावायरस की वैक्सीन बन गई है और उसके निर्माता बाबा रामदेव हैं। जबकि कोरोनावायरस की दवाइयां कोरोनावायरस की वैक्सीन का कोई प्रमाण नहीं था लेकिन फिर भी इस न्यूज़ चैनल ने बिना प्रमाण के खबर चलाई और यह एक विज्ञापन जैसा ही था।

उसके बाद तमाम गोदी मीडिया के एंकर इस दवाई को लेकर सोशल मीडिया पर भी एक्टिवेट हो गए और इस दवाई का प्रचार प्रसार करने लगे। और दवाई का प्रचार प्रसार क्यों कर रहे थे क्योंकि आपने फोटो या वीडियो तो देखा ही होगा जिसमें एक गोदी मीडिया का एंकर बाबा रामदेव को गोद में उठा लेता है। अब आप खुद ही समझ गए होंगे कि इस गोदी मीडिया ने बिना प्रमाण के यह झूठा प्रचार प्रसार क्यों किया था