बिहार : कोविड केयर सेंटर में पानी भरने के बाद भी डॉक्टर लड़ रहे हैं जंग , लेकिन बिहार में नेता , पढ़े खबर

पूरी दुनिया कोरोनावायरस से जंग लड़ रही हैं । वहीं दुनियाभर के डॉक्टर कोरोनावायरस की वैक्सीन खोजने में लगे हुए हैं क्योंकि कोरोना वैक्सीन ही एक ऐसी चीज है जो भारत में कोरोना वायरस को खत्म कर सकता है और देशों में तो कोरोनावायरस कम हो रहा है आप पूरी दुनिया में कई देश ऐसे हैं जिनमें कोरोनावायरस के मरीजों का ग्राफ गिरा है और अन्य देशों में लगातार कोरोनावायरस के मरीज कम हो रहे हैं।

अब बात आती है बिहार की जहां कोरोनावायरस भी लगातार तेजी से फैल रहा है और धीरे-धीरे चुनाव भी नजदीक आ रहे हैं लेकिन लोगों को सोचना चाहिए कि कोरोनावायरस से ज्यादा अहमियत के चुनाव की है क्योंकि बिहार कोविड केयर सेंटर के बुरे हाल हैं वहां बरसात की वजह से पानी भर रहा है एक तस्वीर वायरल हुई है जिसमें डॉक्टर और नर्स ठेले पर बैठकर अस्पताल जा रहे हैं। ये तस्वीर बिहार के सुपौल से है

इस मुद्दे पर कोई सवाल करने वाला है। कोविड केअर सेंटर जहां हालात बद से बदतर हैं बरसात का पानी उसमें भर रहा है डॉक्टर ठेले पर बैठकर अस्पताल जाने को मजबूर हैं सोचिए डॉक्टर तो ठेले से पहुंच गए अस्पताल में कोरोनावायरस मरीजों का इलाज करने लेकिन जो कोरोनावायरस का मरीज है वह कैसे पहुंचेगा। क्या यह सवाल करना भी देशद्रोह है। जो ठेले पर हमारे डॉक्टर बैठे हुए हैं उनका नाम है अमरेंद्र कुमार जो पानी भरने की वजह से ठेले पर बैठने को मजबूर हैं

और हमारे राजनेता क्या कर रहे हैं उन्हें सिर्फ राज्य के चुनाव दिख रहे हैं बिहार में इलेक्शन भी नजदीक है लेकिन कोरोनावायरस से तो कोई चर्चा करने वाला है ही नहीं क्योंकि सबको अपनी-अपनी पड़ी हुई है। आप सोच सकते हैं कि जिस बिहार के कोविड केअर के बाहर और अंदर पानी भरा हुआ है तो उस कोविड केयर सेंटर के अंदर क्या हालात होंगे । जिसके बाहर बह रहा हो और उस पर हमारे डॉक्टर ठेले पर जाने को मजबूर हो

लेकिन बिहार पर अगर चर्चा की जाए तो भारतीय जनता पार्टी बिहार में चुनाव की मीटिंग कर रही थी और मुख्यालय में नेता कार्यकर्ता सभी मीटिंग में भाग ले रहे थे। चुनाव के चक्कर में यह भी भूल गए कि कोरोनावायरस जैसी बीमारी भारत में फैल रही है। और जिसके बाद नतीजा यह हुआ कि बिहार मुख्यालय में जब कोरोनावायरस की जांच हुई तो उसने 75 बीजेपी नेता पॉजिटिव निकले ।

हकीकत तो यह है दोस्तों कि सबसे पहले कोरोनावायरस को खत्म किया जाता चुनाव थोड़े दिन आगे बढ़ा दिए जाते । राजनीति को छोड़कर कोरोनावायरस पर ध्यान दिया जाता लेकिन ना ऐसा तब हुआ जब कोरोनावायरस के मामले बढ़ रहे थे और ना अब हो रहा है जब कोरोनावायरस के मामले 10 लाख होने वाले है । लेकिन फिर भी कोरोनावायरस को छोड़कर सभी लोग अपनी-अपनी चुनाव की तैयारी में लगे हुए।

सोचिए अगर कोरोनावायरस के मामले बढ़ते गए और जनता इस कोरोनावायरस से संक्रमित होती रही और जो चुनाव की तैयारी कर रहे हैं वह किसके ऊपर चुनाव करेंगे जब जनता ही आपकी बीमार होगी । क्योंकि इस देश में लगभग 10 लाख कोरोनावायरस संक्रमित के मरीज पहुंचने वाले हैं। और यह मामले भी लगातार बढ़ रहे हैं और इनकी जो स्थिति है वह भी काबू में नहीं दिख रही है।