संबित पात्रा देहरादून रेलवे स्टेशन की तस्वीर डाल के हुए ट्रोल , फिर आया रेलवे का बड़ा बयान , पढ़े पूरी खबर

संबित पात्रा अपने ट्विटर अकाउंट पर अजीब अजीब तस्वीरें पोस्ट करते रहते हैं और वह पोस्ट करते टाइम ही भूल जाते हैं कि वह सत्ताधारी पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता है। पहले भी सोशल मीडिया पर कई तस्वीर डाल चुके हैं लेकिन खुलासे के बाद सारी तस्वीरें गलत साबित हुई है। अब जो संबित पात्रा ने तस्वीर शेयर की है वह न जाने अब कौन-कौन से सोशल मीडिया अकाउंट पर लोगों के पास तैरती हुई पहुंचेगी।

जिस देश में लोग हर राज्य में अलग-अलग भाषा बोलते हैं पूरे देश की भाषा एक नहीं है और इस तस्वीर को संबित पात्रा ने पोस्ट किया है वह देहरादून रेलवे स्टेशन की है और वहां देहरादून रेलवे स्टेशन के साइन बोर्ड में में पहले से देहरादून इंग्लिश हिंदी और उर्दू में लिखा हुआ था। लेकिन संबित पात्रा ने जो तस्वीर पोस्ट की उसमें देहरादून संस्कृत में लिखा हुआ था और इंग्लिश हिंदी के साथ-साथ संस्कृत में लिखा हुआ था।

यानी सिर्फ उर्दू को हटाया गया आप जानते संबित पात्रा ने यह तस्वीर क्यों पोस्ट की। क्योंकि देहरादून रेलवे स्टेशन साइन बोर्ड में उर्दू लिखा हुआ था और उर्दू भाषा का किस धर्म मे ज्यादा महत्व है इसलिए संबित पात्रा ने यह गलत तस्वीर को सोशल मीडिया अकाउंट पर पोस्ट किया जो कि बिल्कुल सरासर गलत थी। लोगों ने इस तस्वीर को देखकर सोचा तो होगा कि शायद हो सकता है कि देहरादून का साइन बोर्ड बदल गया हो

संबित पात्रा द्वारा देहरादून रेलवे स्टेशन साइन बोर्ड की तस्वीरें वायरल होने लगी लोग वायरल करने लगे और सभी लोगों को ऐसा लग रहा था कि शायद हो सकता है कि देहरादून रेलवे स्टेशन के साइन बोर्ड पर लिखा हुआ उर्दू शब्द हट गया हो और उसकी जगह पर संस्कृत में देहरादूनम अब लिख गया हो। लोग गूगल पर देहरादून के रेलवे स्टेशन की साइन बोर्ड की तस्वीरें खोजने लगे कि देखे आखिर सच क्या है।

जिस देश में ढंग से लोग हिंदी नहीं पढ़ पाते उस देश में सोचो कैसे संस्कृत को पढेंगे क्योंकि संस्कृत हिंदी से बहुत कठिन है और संस्कृत बोलना अभी तो उससे ज्यादा कठिन है तो ऐसे में कैसे संस्कृत में खोला जा सकता है संस्कृत में कैसे वार्तालाप की जा सकती है। आजकल के युवा हिंदी के शब्दों को नहीं जान सकते कुछ ऐसे हिंदी के शब्द हैं जो उनकी समझ नहीं आते हैं। तो संस्कृत को समझना कितना मुश्किल हो जाएगा।

संबित पात्रा की इस देहरादून साइन बोर्ड वाली तस्वीर जब सोशल मीडिया पर वायरल होने लगी तब रेलवे की तरफ से आया । बयान रेलवे ने अपने बयान में कहा कि देहरादून रेलवे स्टेशन के साइन बोर्ड पर जो नाम है उसमें कोई बदलाव नहीं हुआ है जैसा लिखा हुआ पहले था वैसा ही आज लिखा हुआ है और सोशल मीडिया पर तस्वीर वायरल हो रही है वह बिल्कुल गलत हैं देहरादून रेलवे स्टेशन का साइड बोर्ड जैसा पहले था वैसा ही है।

संबित पात्रा पहले भी कई तस्वीर ऐसी डाल चुके हैं जो बाद में गलत साबित हुई हैं जिस तरीके से यह देहरादून वाली तस्वीर गलत साबित हुई जब रेलवे का बयान आया। आखिरकार सोशल मीडिया अकाउंट पर यह जब बड़े प्रवक्ता गलत तस्वीरों का इस्तेमाल करेंगे तो इस देश में और समाज में क्या संदेश जाएगा। टीवी पर विज्ञापन आते हैं कि फेक न्यूज़ मत फैलाओ लेकिन यहां तो बीजेपी के प्रवक्ता खुद गलत तस्वीरें पोस्ट कर रहे हैं।