कोरोनावायरस : बीजेपी बिहार ऑफिस में पहुंचा कोरोनावायरस , 75 नेताओं की स्टाफ सहित रिपोर्ट आई पॉजिटिव , पढ़ें विस्तार से पूरी खबर

कोरोनावायरस को लेकर बीजेपी बिहार ऑफिस से एक बड़ी खबर आ रही है जिसमें भारतीय जनता पार्टी के बिहार ऑफिस में कोरोनावायरस की एंट्री हो चुकी है बीजेपी बिहार ऑफिस में स्टाफ समेत 75 नेता कोरोनावायरस पॉजिटिव पाए गए हैं। आज तक की खबर के अनुसार कोरोनावायरस को बढ़ता देख कल बिहार में भारतीय जनता पार्टी के 100 नेताओं का टेस्ट हुआ था जिसमें से 75 नेता कोरोनावायरस पॉजिटिव पाए गए हैं।

जहां बिहार में जैसे-जैसे चुनाव करीब आ रहा है वैसे-वैसे बिहार में कोरोनावायरस संक्रमित एम मामले भी बढ़ रहे हैं बिहार के साथ उत्तर प्रदेश में भी मामले लगातार बढ़ रहे हैं उत्तर प्रदेश में मामले 1600 से ज्यादा प्रतिदिन आ रहे हैं। क्योंकि अब कोरोनावायरस भारत में तेजी से फैल रहा है और लोग भी उतनी सावधानियां नहीं बरत रहे हैं जितनी लॉकडाउन के समय बरत रहे थे।

अगर बिहार के बारे में चर्चा की जाए तो बिहार में लगभग 18000 कोरोनावायरस संक्रमित मामले हैं जिसमें बिहार में 319000 टेस्ट अभी तक हुए हैं जिसमें 18000 के करीब कोरोनावायरस संक्रमित मरीज पाए गए हैं अगर बिहार की आबादी के अनुसार यह टेस्टिंग देखी जाए तो यह टेस्टिंग काफी कम है। क्योंकि अगर कोरोनावायरस से जीतना है अगर कोरोनावायरस को हराना है तो टेस्टिंग ज्यादा करनी होगी।

बताया जा रहा है कि बीजेपी बिहार ऑफिस में चुनाव को लेकर लगातार वर्चुअल रैली की जा रही थी। और चुनाव को लेकर नेता दफ्तरों में मीटिंग हर रोज कर रहे थे और कार्यालय में लगातार मीटिंग भी चल रही थी क्योंकि बिहार में विधानसभा चुनाव भी नजदीक हैं और इसके लिए कार्यकर्ताओं को मीटिंग के लिए बुलाया जा रहा था और इसी के साथ वर्चुअल रैली का काम भी चल रहा है।

लेकिन सवाल यह है कि कोरोनावायरस के चलते हुए भी चुनावी मीटिंग पर कोई रोक नहीं लगी चुनाव लगातार चल रहे हैं क्या कोरोनावायरस से ज्यादा अहमियत चुनाव की है क्योंकि जब लॉकडाउन को खोला गया था तब गृह मंत्री अमित शाह ने सबसे पहले बिहार में वर्चुअल रैली की थी जिसमें एलईडी लगाकर रैली को संबोधित किया गया था जिसके बाद कुछ तस्वीरें भी वायरल हुई।

कोरोनावायरस के चलते हुए जब लॉकडाउन को खोला गया तो देश को आत्मनिर्भर बना दिया गया लेकिन आत्मनिर्भरता को लेकर अपनी जिंदगी को खतरे में डाल कार्यकर्ता मीटिंग में भाग ले रहे थे क्योंकि बिहार में इसी साल चुनाव होने हैं और मीटिंग भी रोज हो रही थी और नेता इसमें लगातार हिस्सा ले रहे थे। क्या कोरोनावायरस के चलते हुए यह मीटिंग रद्द नहीं की जानी चाहिए थी।

जिस वक्त कोरोनावायरस को लेकर भारत में संपूर्ण लॉकडाउन लगाया गया था उस दिल्ली में तबलीगी जमात का मामला सामने आया था और मीडिया ने उससे इतना टारगेट किया इतना टारगेट किया कि सारा दोष तबलीगी जमात और मुसलमानों पर कोरोनावायरस का जड़ दिया। मीडिया ने उस वक्त भी कोरोनावायरस को लेकर कोई चर्चा नहीं की क्योंकि मीडिया पर मुस्लिमों को टारगेट किया जाने लगा था ।