कानपुर वाला विकास दुबे पर हुआ बड़ा खुलासा , विकास दुबे एक दर्जन से ज्यादा मंत्रियों से सीधे संपर्क में था , कॉल डिटेल में मिला मध्य प्रदेश के बड़े नेता का नंबर , विस्तार से पढ़ें पूरी खबर

कानपुर वाला विकास दुबे अपने साथ ना जाने कौन-कौन से राज ले गया अगर उसकी जांच होती खुलासे होते तो नेताओं के कारनामे सामने आ जाते। क्योंकि जिस तरीके से उसने सत्ताधारी मंत्रियों और नेताओं से सीधा संपर्क बनाया था और इसी वजह से उसे इस कारनामे में सत्ता का संरक्षण मिल रहा था। और इसी संरक्षण की वजह से वह हर मामले को अंजाम देता चला आ रहा था।

जब विकास दुबे ने कानपुर की घटना को अंजाम दिया था उसके बाद जब पुलिस के 8 जवान शहीद हुए थे तब जाकर कहीं प्रशासन जागा था उससे पहले न जाने उसने कितने मामलों को अंजाम दिया होगा इस मामले की कोई जानकारी क्या नहीं थी पुलिस के पास विकास दुबे पर पहले से ही 60 मुकदमे दर्ज थे लेकिन फिर भी उस पर कोई कार्यवाही नहीं की गई थी क्योंकि इससे जाहिर है कि उसे सत्ता का संरक्षण मिल रहा था।

अब हिंदुस्तान की खबर कहती है कि विकास दुबे के संपर्क में एक दर्जन से ज्यादा मंत्री थे यानी एक दर्जन से ज्यादा मंत्रियों के संपर्क में विकास दुबे था। हिंदुस्तान ने अपनी खबर में आगे कहा कि विकास दुबे की कई मंत्रियों के बेडरूम में सीधे एंट्री थी। अगर विकास दुबे की मंत्रियों के बेडरूम में सीधे एंट्री होती है । आप समझ सकते हैं की विकास दुबे का मंत्रियों के साथ किस तरीके से मेलजोल रहा होगा।

खबर आ गई यह भी कहती है कि कि जब विकास दुबे के फोन से कॉल डिटेल को खंगाला गया तो उसमें एक दर्जन से ज्यादा मंत्रियों के नंबर निकल कर आए और वह मंत्री अलग-अलग राज्यों से थे इसके बाद कई उद्यमियों के नंबर भी विकास दुबे की कॉल डिटेल में मिले हैं और पुलिस ने यह दावा किया है कि मध्य प्रदेश के एक बड़े नेता का नंबर भी विकास की कॉल डिटेल में आया है।

अब जब पुलिस यह कह रही है कि मध्य प्रदेश में एक बड़े नेता नंबर विकास दुबे की कॉल डिटेल में आया है वह कौन सा मंत्री हो सकता है जो विकास दुबे को कानपुर मामले के बाद भी संरक्षण दे रहा था। क्योंकि विकास दुबे यूपी को पार करके उज्जैन कैसे पहुंचा इसमें बहुत सारे राज छुपे थे लेकिन कहानी कुछ पलट गई लोग सवाल पूछने लगे और मीडिया विपक्ष पर हमला कर रहा था।

लेकिन जब मामला भारतीय जनता पार्टी के नेताओं से जुड़ने लगा और उससे सत्ता का संरक्षण मिल रहा था क्योंकि उत्तर प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी की सरकार है तब इस मामले को पूरी तरीके से निपटाना चाहा उसी तरीके से जब विकास दुबे ने अपनी गिरफ्तारी उज्जैन पुलिस को दे दी। और कहीं ना कहीं विकास दुबे इस पूरे मामले से बचना चाहता था इसीलिए वह बार-बार कह रहा था कि “मैं हूं कानपुर वाला विकास दुबे”

लेकिन अगर विकास दुबे जिंदा होता और उससे सवाल पूछे जाते कि कौन-कौन नेताओं से संरक्षण दे रहा था लेकिन इतनी नौबत नहीं आई उसको पहले ही खत्म कर दिया गया और वह यह सारे सवाल अपने साथ लेकर चला गया क्या यह सवाल पूछना जरूरी नहीं है कि कौन विकास दुबे को मध्य प्रदेश का बड़ा मंत्री मदद पहुंचा रहा था जो कि उसके संपर्क में था।