राजस्थान : कोरोनावायरस काल में भी राजस्थान में विधायकों की खींचतान , विधायकों को इधर से उधर होने में देर नहीं लगती

हमारे देश की राजनीति भी अजीब सी हो गई है। अब हमारे राजनेता बहुत जल्दी ही पाला बदल कर चले जाते हैं। इधर से उधर होते हुए उन्हें ज्यादा वक्त नहीं लगता। देश में कोरोना वायरस तेजी से बढ़ रहा है लेकिन फिर भी विधायक इधर से उधर जा रहे हैं। अगर देखा जाए तो मध्यप्रदेश में कोरोनावायरस काल में ही सरकार बनाई गई थी और इस सरकार के चलते हुए लॉकडाउन को आगे बढ़ाया गया था।


राजस्थान में सचिन पायलट को लेकर उलटफेर जारी है। खबरें आ रही है कि सचिन पायलट भारतीय जनता पार्टी में शामिल हो सकते हैं। जिस तरीके से मध्यप्रदेश में ज्योतिरादित्य सिंधिया भारतीय जनता पार्टी में कोरोनावायरस काल में शामिल हुए थे उसी तरीके से सचिन पायलट की खबरें आ रही है कि बीजेपी में शामिल हो सकते हैं।

कोरोनावायरस काल में राजस्थान में विधायकों की खरीद-फरोख्त की शंका जताई जा रही है । लेकिन देश में कोरोनावायरस संकट कहां जा रहा है इसका कोई किसी को अंदाजा नहीं साइंटिस्ट के दावा कर चुके हैं कि फरवरी 2021 तक हर रोज 2.87 मामले आएंगे लेकिन फिर भी कोई फर्क नहीं पड़ता। क्योंकि अगर सरकारी सरकार बनाने पर ही ध्यान देती रही तो कोरोनावायरस से जैसे आज देश लड़ रहा है वैसे ही आगे लड़ता रहेगा

जब यह खबरें मीडिया में आती हैं कि यह उस पार्टी में शामिल हो रहे हैं यह उस पार्टी में शामिल हो रहे हैं तब एक बार फिर उस पीएम केयर्स फंड की याद आती है कि जिसमें बड़े-बड़े उद्योगपतियों ने जनता ने कोरोनावायरस से लड़ने के लिए स्वास्थ्य सुविधाओं को सुधारने के लिए पीएम केयर्स फंड में पैसा दिया था। मीडिया में यह खबरें आएंगी तो क्यों उस पीएम केयर्स फंड पर ध्यान जाता है

क्योंकि पीएम केयर्स फंड की ऑडिट नहीं हो सकती। कोई जांच नहीं हो सकती कि पीएम केयर्स फंड का पैसा कहां-कहां खर्च किया किन-किन स्वास्थ्य सुविधाओं में खर्च किया क्या यह सवाल पूछना गलत है। अगर वाकई पीएम केयर्स फंड से गरीबों को मदद पहुंचाई है और स्वास्थ्य सेवाओं में पीएम केयर का पैसा खर्च किया गया है तो उसकी जांच कराते हुए क्या परेशानी है।

कोरोनावायरस काल में जब जब यह खबरें आती हैं । कि वह नेता भारतीय जनता पार्टी में शामिल हो रहे हैं तो जनता का ध्यान एक बार फिर पीएम केयर्स फंड की ओर चला जाता है। खबरें आती हैं कि भारतीय जनता पार्टी के नेता के संपर्क में है इतने विधायक। जिस जनता ने विधायक को मन लगाकर जिताया है और अपने विकास के लिए वोट दिया है लेकिन उसी विधायक को पलटी मारते हुए देर नहीं लगती।