सिस्टम से तंग आकर पुलिसकर्मी ने दिया इस्तीफा , गुजरात सरकार के मंत्री के समर्थकों को कर्फ्यू के दौरान बिना मास्क रोका था

अब इससे ज्यादा अच्छे दिन क्या लाए सरकार जिसमें अगर कोई कानून का उल्लंघन करता हो और उस उल्लंघन करने वाले को अगर कोई सिस्टम का कर्मचारी रोकना चाहे तो उसे ही निकाल दो। पूरे भारत को मास्क लगाने की और सोशल डिस्टेंस रखने की नसीहत दी जा रही है। लेकिन क्या यह नसीहत मंत्रियों के समर्थकों के लिए नहीं है या उन्हें कोरोनावायरस नहीं होगा।

यह मामला प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के गुजरात मॉडल का है जहां गुजरात सरकार के मंत्री के समर्थक कर्फ्यू में बिना मास्क के सड़कों पर घूम रहे थे। यानी ऐसा समझ लीजिए कि एक तो कर्फ्यू का यह लोग उल्लंघन कर रहे थे और उसके बाद जो देश में कोरोनावायरस फैला हुआ है उसको लेकर यह मास्क नहीं लगाए हुए थे। जब वहां से यह बिना मास्क लगाए हुए गुजर रहे थे तभी वहां पर तैनात महिला पुलिसकर्मी ने ने रोक लिया। और इनसे कई सवाल पूछे कि कर्फ्यू में आप कैसे घूम रहे हैं और मास्क क्यों नहीं लगाया है।

यह जो सवाल पूछे गए हैं यह पुलिसकर्मी ने कोई गुनाह नहीं किया है। चलो मान भी लो अगर गलती से उस कर्फ्यू के अंदर घुस भी गए। तो गलती मानते और वहां से वापस चले जाते। तीन मंत्री जी के समर्थकों ने ऐसा नहीं किया बल्कि समर्थकों ने मंत्री जी के बेटे को फोन लगा दिया। फोन करने के बाद मंत्री जी का बेटा तुरंत मौके पर पहुंच गया। वह अपनी पिताजी की गाड़ी लेकर गया था जिस पर विधायक पद लिखा हुआ था।

लेकिन इन सभी लोगों को देखकर महिला पुलिसकर्मी बिल्कुल नहीं डरी और अपनी ड्यूटी पर डटी रही उसके बाद अपने सीनियर अधिकारी को पूरी घटना के बारे में बताया। सीनियर अधिकारी के पास मंत्री जी का फोन आने के बाद उन्होंने घर जाने के लिए बोल दिया। कि आप जान सकते हैं कि जब मंत्री जी का फोन आया होगा तो क्या निर्णय लिए होंगे। सीनियर अधिकारी का आदेश पाकर महिला पुलिसकर्मी वहां से चल पड़ी।

क्या यह सिस्टम पर सवाल नहीं उठते जिस कर्फ्यू के स्थान पर महिला पुलिसकर्मी की ड्यूटी थी उसका काम था कर्फ्यू के अंदर कोई गुस्से तो उसे रोकना। आखिरकार उस महिला पुलिसकर्मी ने क्या गलत किया जिसकी खातिर उसे नौकरी गंवानी पड़ी उसे इस्तीफा देना पड़ा। कर्फ्यू के दौरान जो मंत्री के समर्थक सोशल डिस्टेंस की धज्जियां उड़ा कर और बिना मास्क के कर्फ्यू में घुस रहे थे अगर उन्हें उस पुलिसकर्मी ने रोका और उनसे सवाल किए तो बताइए पुलिसकर्मी ने क्या गलत किया। क्या यही है गुजरात मॉडल