विकास दुबे ने तो खुद उज्जैन पुलिस के सामने सरेंडर किया था , तो वह क्यों भागने की कोशिश करेगा , विस्तृत जानकारी के लिए पढ़ें पूरी खबर

विकास दुबे पर पहले भी सवाल उठे थे जब उज्जैन पुलिस ने उसे गिरफ्तार किया था। लेकिन खबरों में उस वक्त यह बताया जा रहा था कि एक गार्ड ने उसे पकड़ लिया था। इस वक्त पुलिस उसे पकड़ कर ले जा रही थी उस वक्त विकास दुबे ने कहा था कि वह विकास दुबे है कानपुर वाला। लेकिन यह खबरें आने के बाद एक खबर आई। विकास दुबे की गिरफ्तारी से 1 दिन पहले उज्जैन पुलिस के 8 पुलिस ऑफिसर का ट्रांसफर किया गया था।

जो आज हुआ है उसकी भविष्यवाणी वरिष्ठ लोग और वरिष्ठ पत्रकार पहले ही कर चुके थे। क्योंकि जब विकास दुबे को पुलिस ने गिरफ्तार किया था तभी कुछ लोग कह रहे थे कि यह कानपुर वाला विकास दुबे इसलिए पुकार रहा है कहीं गाड़ी खराब ना हो जाए। पहले भी विकास दुबे पर कई सवाल उठे कि कैसे उसे सत्ता का संरक्षण मिल रहा था। तीन राज्यों में वह घूमता रहा लेकिन पुलिस की गठित की गई टीम को नहीं मिल पाया।

इत्तेफाक की बात देखिए कि वह एक गार्ड को मिल जाता है और फिर गार्ड पुलिस को सूचना देता है। इससे भी यह भी साफ हो जाता है कि जिस विकास दुबे को पुलिस ढूंढ रही थी। उस पुलिस टीम को नहीं मिला लेकिन एक गार्ड को आसानी से मिल गया। लेकिन सवाल यह है कि वह तीन राज्यों में घूमता रहा। लेकिन फिर भी पुलिस गठित टीम को नहीं मिल सका। ऐसे कई सीन बॉलीवुड की फिल्मों में है 90 के दशक में भी है और आज के वर्तमान समय में भी है।

विकास दुबे जैसे सीन आपको बॉलीवुड की फिल्मों में मिल जाएंगे। लेकिन उन फिल्म के सीन में फर्क इतना होगा। आप ऐसे सीनों को यूट्यूब के तहखाने में जाकर खंगाल सकते हो आपको ऐसे ढेरों सीन मिल जाएंगे। 60 मुकदमे दर्ज थे विकास दुबे पर लेकिन फिर भी उसका टॉप 10 में नाम नहीं था यह कमी किसकी रही। आखिर पहले से ही पुलिस ने इस पर शिकंजा क्यों नहीं कसा क्यों इस पर कड़ी कार्रवाई नहीं की गई।

अब अपराधी को सिर्फ रोड पर ही सजा मिलने का जमाना आ गया है। और सबसे बड़ी बात तो यह है कि जनता भी ऐसे फैसलों से खुश रहती है। लेकिन एक सवाल है कि क्या हमारे देश में जो न्यायालय बने हैं उनका कोई महत्व नहीं है। देश में न्याय के लिए कोर्ट है और फिर सबसे उच्च सुप्रीम कोर्ट है। दोषी को सजा जरूर उसके अपराध की मिलना चाहिए और उस पर खुलासा भी होना चाहिए कि कौन उनका सहयोग कर रहा था।

क्या विकास दुबे इससे यह पूछताछ नहीं होनी चाहिए थी कि कौन-कौन उसके संपर्क में रहा था कौन-कौन सी राजनीतिक पार्टियों से संरक्षण दे रही थी और कौन-कौन से नेता उसका सहयोग कर रहे थे क्या यह खुलासा नहीं होना था। जो यह विकास दुबे के साथ हुआ । इसकी भविष्यवाणी कई वरिष्ठ पत्रकार और वरिष्ठ लोग कल ही कर चुके थे। हालांकि विकास दुबे से सारी पूछताछ होती कि कौन-कौन से नेताओं से सहयोग दे रहे थे कौन-कौन से पुलिस अफसरों से मदद पहुंचा रहे थे सबकी जांच हो कर विकास दुबे के साथ जो लोग मदद दे रहे थे उन्हें भी सजा मिलती। जाकर उन 8 शहीद पुलिसकर्मियों को न्याय मिल पाता