कोरोना अपडेट : भारत में 8 लाख से पार पहुंचे कोरोनावायरस संक्रमित मामले , लेकिन उत्तर प्रदेश में लॉकडाउन लगाया गया है

भारत में कोरोनावायरस संक्रमित के मामले 8 लाख से भी आज पार निकल गए हैं। भारत में इस समय जिस वक्त हम एक पोस्ट आप तक पहुंचा रहे हैं। उस वक्त भारत में कोरोनावायरस संक्रमित मामलों की कुल संख्या 818647 है। अभी तक 22122 लोगों की मृत्यु हो चुकी है। और फिलहाल भारत में कोरोनावायरस संक्रमित के एक्टिव मामले 282921 हैं। आज 17543 लोगों को रिकवर किया गया है।

गौर करके अगर देखा जाए तो प्रतिदिन आने वाले मामले और रिकवरी मामले में सिर्फ 6000 का अंतर है। और यह बहुत अच्छी बात है कि भारत में रिकवरी रेट भी सही हो रहा है। जल्द से जल्द कोरोनावायरस को मात देकर अपने घर लौट रहे हैं। बड़ा सवाल यहां यह है यह है कि भारत में कोरोनावायरस की जांच को लेकर अब भी सरकारी लापरवाही बरत रहे हैं। कि जब तक भारत में भरपूर तरीके से कोरोनावायरस की टेस्टिंग नहीं होगी तब तक भारत में कोरोनावायरस को रोकना बहुत मुश्किल है।

उत्तर प्रदेश में भी कोरोनावायरस के मामले बढ़ रहे हैं और इन मामलों को बढ़ता देख उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश में 10 जुलाई रात 10 बजे से 13 जुलाई सुबह 5 बजे तक संपूर्ण लॉकडाउन लगाने की घोषणा की है। क्योंकि उत्तर प्रदेश में प्रतिदिन 1000 से ज्यादा कोरोनावायरस संक्रमित के मामले आ रहे हैं। कि उत्तर प्रदेश के लिए एक चिंताजनक बात है इसी को देखते हुए उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक बार फिर से 10 जुलाई रात 10 बजे से लेकर 13 जुलाई सुबह 5 बजे तक संपूर्ण लॉकडाउन लगाने की घोषणा कर दी है

सवाल यह है जब मार्च में कोरोनावायरस संक्रमण को रोकने के लिए जब भारत में संपूर्ण लॉकडाउन को लगाया गया। लॉकडाउन लगाने के बाद अब तक कोरोनावायरस पर काबू नहीं दिख रहा है। हालांकि जैसे ही लॉकडाउन को खोला क्या वैसे ही बिहार में चुनाव प्रचार शुरू हो गए थे। और जैसे ही लोग डाउन को खोला गया था वैसे ही कोरोनावायरस संक्रमण के मामले तेजी से बढ़े। क्योंकि मार्च से लगाया गया लॉकडाउन कोरोनावायरस को रोकने में बिल्कुल फेल साबित हुआ।

फिर वही बात आती है अगर उसी समय लॉकडाउन में ही कोरोनावायरस कि ज्यादा से ज्यादा जांच की जाती और इस विषय पर अगर ज्यादा सरकार ध्यान देती तब आज यह संख्या 8 लाख से पार नहीं जाती और ना ही भारत तीसरे नंबर पर आ पाता। उस वक्त जो लोग बाहर से आ रहे थे वह क्वॉरेंटाइन हो रहे थे। लेकिन अब सरकार ने जनता के लिए आत्मनिर्भर बना दिया है। और अगर कोई बाहर से दूसरे राज्य से अपने घर वापस लौटता है और पड़ोस के या कॉलोनी के एक गांव के लोग उससे क्वॉरेंटाइन होने को कहते हैं तो वह सीधा सीधा जवाब देता है कि भाई सरकार ने आत्मनिर्भर बना लिया है अपनी रक्षा अपने हाथ है।