आखिर विकास दुबे वाली गाड़ी कैसे बदल गई , टाटा सफारी से TUV कैसे हो गई , पढ़ें पूरी खबर

फिर एक बार सवाल उठ रहे हैं कि आखिरकार जिसमें विकास दुबे बैठा था वह कार तो टाटा सफारी थी लेकिन चलते-चलते वह टीयूवी कैसे हो गई। क्या वाकई ऑनलाइन रोड पर कोई कनवर्टर लगा हुआ था या किसी फिल्म एनीमेशन की तरह था कि हॉलीवुड की फिल्मों में चलते-चलते गाड़ियां बदल जाती हैं। आपने आमिर खान की धूम फिल्म तो देखी होगी कैसे उसकी गाड़ी बदलती रहती है लेकिन वह एक फिल्म है। और गाड़ी का बदल पाना तो मुश्किल है।

एसटीएफ की टीम उसे कानपुर लेकर आ रही थी। लेकिन उसी रास्ते से मीडिया को रोक दिया गया। इस फर्जी इनकाउंटर को लेकर बहुत सारे सवाल खड़े हो रहे हैं। भारत की जो जनता है वह इस एनकाउंटर की कहानी अपने आप समझ सकती है अगर ना समझ में आए तो इसकी कोई दवाई नहीं है। जो पुलिस कहानी सुना रही है वह बहुत पुरानी है कि भागने की कोशिश की। कि उसने यह किया उसने वह किया इस तरीके की तमाम यह कहानी पहले की हो चुकी है।

लेकिन जिस वक्त विकास दुबे को कानपुर ले जाया जा रहा था और जिस गाड़ी में विकास दुबे को बिठाया गया वह गाड़ी टाटा सफारी थी। कुछ रिपोर्टरों ने कार का पीछा किया लेकिन पुलिस ने बैरिकेड लगाकर उन्हें रोक दिया और फिर उन पत्रकारों के पास उस गाड़ी की फुटेज आ गई थी लेकिन जब बाद में खबरें आई कि गाड़ी पलट गई और विकास दुबे भागने की कोशिश की। तब घटनास्थल पर जाकर देखा गया तो वहां गाड़ी टीयूवी थी।

सवाल यह है कि आखिरकार यह गाड़ी कैसे बदल गई या फिर सोची समझी साजिश थी जोकि सुबह से यह चर्चा चल रही है। रिपोर्ट खबरों से निकलकर सामने यह खबरें आ रही हैं कि जैसे यह सब कुछ सोची समझी साजिश हो। एक बात तो स्पष्ट है कि जो जानकारी इस खबर से निकल कर आ रही हैं उससे बिल्कुल जाहिर होता है कि यह एक फेक एनकाउंटर है। क्योंकि विकास दुबे जिस गाड़ी में बैठा था जब वह गाड़ी चलते चलते ही बदल गई।

यह 2020 है यहां कुछ भी मुमकिन है। विकास दुबे को लेकर इतनी सारी खबरें आई कि जहां कार पलटी वहां रोड पर ना तो कोई निशान या खरोच है ना वहां कोई गड्ढा है तो कार पलट कैसे गई नाही कार पर कोई ज्यादा निशान आए हैं। टोल प्लाजा पर भी फुटेज मिला है जो कि सोशल मीडिया पर काफी वायरल हो रहा है। और उस फुटेज में विकास दुबे को टाटा सफारी कार में ले जाया जा रहा है।