कानपुर बाले विकास दुबे की गिरफ़्तारी या सरेंडर , बहुत क्रोनोलॉजी है इस मामले में , देश की कानून व्यवस्था पर उठ रहे है सवाल

जिस  विकास दुबे को पुलिस की कई टीमें पिछले कई दिनों से ढूंढ रही थी। लेकिन जिस तरीके से आज विकास दुबे महाकाल के मंदिर में जाता है और खबरों में जैसा बताया जा रहा है कि वहां चौकीदार की मेहनत की वजह से विकास दुबे को पकड़ा गया। लेकिन विकास दुबे को जिस तरीके से पुलिस ढूंढ रही थी उसे बहुत आसानी से पकड़ने पर कई सवाल उठते हैं। कि किस तरीके से वह मंदिर जाता है और फिर सरेंडर कर देता है।

क्या यूपी पुलिस ने अपने 8 साथियों के बारे में जरा भी सोचा जो आज इस दुनिया में नहीं है। उन आठ पुलिसकर्मियों की विकास दुबे ने क्या हालत कर दी थी। लेकिन हकीकत तो यह है कि उत्तर प्रदेश पुलिस ने आज अपने आप को शर्मिंदा किया है। और उन आठ शहीद पुलिसकर्मियों को भी शर्मिंदा किया है। कि किस तरीके से गैंगस्टर विकास दुबे 3 राज्यों से गुजरता रहा। यह कैसे संभव है कि पुलिस की इस नीति में उसे ढूंढ रहे हो और हर प्रदेश के बॉर्डर पर नाकाबंदी हो।

लेकिन फिर भी विकास दुबे राज्यों में घूमता रहा। आज सवाल उठ रहे हैं कि ऐसी कौन सी क्रोनोलॉजी है कि जिससे यह डॉन विकास दुबे तीन राज्यों में गुजरता रहा पुलिस भी इसे ढूंढती रही लेकिन पुलिस को कोई बड़ी कामयाबी हाथ नहीं लगी। और फिर अंत में जाकर विकास दुबे मंदिर में चला गया और वहां उसने सरेंडर कर दिया। और पुलिस उसे इस तरह पकड़ कर ला रही है आप उस अंदाज को भी देख सकते हैं।

सबसे बड़ा सवाल यह है कि विकास दुबे जब गिरफ्तार हुआ था तो उसके पास से कुछ भी बरामद नहीं हुआ विकास दुबे जिसको कई राज्यों की पुलिस ढूंढती हो और वह आसानी से मंदिर में पकड़ा जाए और उसके पास कोई कुछ ना हो । क्या इस पर सवाल खड़े नहीं होते। कि किस तरीके से विकास दुबे के सत्ताधारी पार्टी से संबंध थे क्या विकास दुबे को मौजूदा सत्ता का भरपूर सहयोग मिला है।

जब विकास दुबे ने पुलिस के सामने सरेंडर किया जिसमें एक वीडियो भी वायरल हुआ है पुलिस विकास दुबे को पकड़ कर ला रही है और जिसमें विकास दुबे यह चिल्लाकर कहता हुआ नजर आ रहा है कि’ मैं कानपुर वाला विकास दुबे हूं ‘ । अब तो वह 5 लाख भी बच गए। जिस विकास दुबे को पकड़ने के लिए इनाम के तौर पर रखे गए थे। बहुत सवाल है इस विकास दुबे की सरेंडर कहानी पर। कि कैसे 8 पुलिसकर्मियों को शहीद करने वाले ने पुलिस के सामने आसानी से सरेंडर कर दिया।

अपराधी विकास दुबे के सरेंडर पर कई सवाल उठते हैं। कि जब विकास दुबे ने सरेंडर किया था तब है जोर जोर से चिल्ला कर कह रहा था “कि मेरा नाम विकास दुबे है। और आप जल्द से जल्द इसकी सूचना उज्जैन पुलिस को दे दीजिए ” क्योंकि 8 पुलिसकर्मियों को शहीद करने वाला विकास दुबे ने कैसे पुलिस के सामने आसानी से सरेंडर कर दिया। ” सब मिले हुए हैं ”