अगर शोधकर्ताओं के अनुसार भारत में प्रतिदिन कोरोनावायरस के मामले फरबरी 2021 में 2.87 लाख आये , तो हालात क्या होंगे

शोधकर्ताओं ने एक भविष्यवाणी की और वह भविष्यवाणी बहुत ही चिंताजनक है। शोधकर्ताओं ने अपनी भविष्यवाणी में यह बताया है कि भारत में कोरोनावायरस के प्रतिदिन आने वाले मामले फरवरी 2021 तक 2 लाख 87 हजार तक पहुंच सकते हैं। और अगर ऐसा हुआ तो भारत पूरी दुनिया में सबसे ज्यादा कोरोनावायरस से प्रभावित होने वाला देश होगा। क्योंकि वर्तमान की स्थिति में अभी पिछले दिनों 25000 तक प्रतिदिन कोरोनावायरस के मामले आ रहे थे।

लेकिन अब यह प्रतिदिन आने वाले मामले 25000 से भी ज्यादा आ रहे हैं जो बेहद चिंता की बात है। क्योंकि भारत पूरी दुनिया में प्रति दस लाख की आबादी के हिसाब से टेस्टिंग के आंकड़ों में 138 वे नंबर पर है और कोरोनावायरस संक्रमित मामले में तीसरे नंबर पर है । एमआइटी ने 84 देशों के टेस्टिंग और प्रतिदिन आने वाले मामलों पर अध्ययन किया। और टेस्टिंग के बाद एमआईटी ने यह घोषणा की कि भारत में फरवरी 2021 तक 2.87 लाख प्रतिदिन कोरोनावायरस के मामले आएंगे

कोरोनावायरस के मामले प्रतिदिन लगातार बढ़ते ही जा रहे हैं। जिस वक्त हम यह पोस्ट लिख रहे हैं उस वक्त कोरोनावायरस के मामले 772826 है । और अभी वर्तमान के समय में 21193 कोरोनावायरस संक्रमित से मौत हो चुकी है। और ऐसी स्थिति में संपूर्ण लॉकडाउन को खोलना क्या सरकार का यह सही कदम है क्योंकि जब लॉकडाउन को खोला गया था तब बिहार में डिजिटल रैली हुई थी । लेकिन कोरोनावायरस के चलते हुए बिहार में चुनाव है और वहां के पप्पू यादव ने चुनाव निरस्त करने की मांग की है।

भारत में अगर टेस्टिंग के आंकड़ों पर नजर डाली जाए प्रधानमंत्री के मॉडल यानी गुजरात मॉडल टेस्टिंग में 11वें नंबर पर है। अभी तक 135 करोड़ आबादी वाले देश में मात्र एक करोड़ सात लाख टेस्टिंग हो पाई है। यह टेस्टिंग लॉकडाउन से लेकर अब तक की है। सवाल यह है कि कोरोनावायरस में अभी तो सिर्फ 25000 प्रतिदिन केस आ रहे हैं। लेकिन इन वैज्ञानिकों ने जो भविष्यवाणी की है कि भारत में प्रतिदिन दो लाख 87 हजार मामले आएंगे।

लेकिन अगर ऐसा हुआ तो भारत में क्या हालात होंगे । इस सवाल का जवाब आपको सोशल मीडिया पर मिल जाएगा। आपको ढेर सारी वीडियो मिल जाएंगी आप उन लोगों की स्थिति देखिए जहां लोगों को कोई अस्पताल भर्ती करने को तैयार नहीं है। कोई बेचारा गरीब परिवार से है उसके पास पैसा नहीं है। क्योंकि भारत में बेरोजगारी अब कोरोनावायरस के कारण बहुत ज्यादा बढ़ गई है।

क्योंकि अभी ऐसी ऐसी खबरें आ रही हैं कि किसी को हॉस्पिटल में भर्ती नहीं किया जा रहा है तो किसी के साथ हॉस्पिटल का ऐसा ही व्यवहार कर रहा है। पर जब भारत में यह कोरोनावायरस संक्रमित के मामले बढ़ेंगे। तो स्थिति क्या होगी। क्योंकि भारत में स्वास्थ्य व्यवस्था जिस तरीके से चरमराई हुई है। उसको देखते हुए अगर प्रतिदिन आने वाले मामले बढ़े तो हालात गंभीर होंगे क्योकि सरकार लॉकडाउन से लेकर अब तक कोरोना वायरस के प्रीतिदिन आने वाले आंकड़ों को काबू करने में फेल साबित हुई है