पढ़े लेख : जब अपराधियों का स्वागत फूल मालाओं से होगा तो अपराधियों के हौसले तो बुलंद होंगे ही , और देश में गैंगस्टर विकास दुबे जैसे , पढ़े लेख

हर दिन रोज कहीं ना कहीं ऐसी वारदातें सामने आ रही हैं जहां अपराधी सत्ता की ताकत पाकर निकल जाता है और कानून के हाथ वहां तक नहीं पहुंच पाते हैं क्योंकि सत्ताधारी नेता उन कानून के हाथों को कमजोर कर देते हैं। 90 के दशक में ऐसी कई फिल्मों में दृश्य फिल्माया गया है कि जिस में अपराधी को एक होनहार ईमानदार पुलिस ऑफिसर मुजरिम को पकड़कर थाने ले आता है।

फिर आपने उसी फिल्म में देखा होगा की किसी ना किसी बड़े राजनेता का पुलिस ऑफिसर से बड़े अधिकारी के पास फोन पहुंच जाता है बड़ा अधिकारी उसे छोड़ने का ऑर्डर देता है या इस्तीफा देने का। ऐसी बहुत सारी फिल्में हैं आपको युवक में 90 के दशक की फिल्मों को खंगालना होगा। तब आपको उन फिल्मों में ऐसे कई दृश्य देखने को मिल जाएंगे। लेकिन ऐसा कम ही दृश्यों में देखा गया है कि जिस ने अपराधियों का फूल मालाओं से स्वागत हुआ हो।

लेकिन ऐसे अपराधियों को जब बड़े-बड़े नेता जेल जाने से बचाते रहेंगे और फिर उनका फूल मालाओं से ढोल नगाड़ों के साथ स्वागत होगा और फिर उनके बीच धार्मिक नारे लगाए जाएंगे तो अपराधियों के हौसले तो बुलंद होंगे ही। वर्तमान के समय में माहौल बिल्कुल 90 के दशक के फिल्म की तरह चल रही है लेकिन फिल्म के अंत में भी लोग समझ जाते हैं और विलन या तो माफी मांग लेता है या फिर उसका अंत हो जाता है।

जब तक आरोपी को उसके गुनाह की सजा नहीं मिलेगी तब तक अपराधियों पर कोई काबू नहीं किया जा सकता क्योंकि उन्हें पहले से ही यह मालूम है कि अगर वह कोई अपराध करते हैं तो उन्हें कोई ना कोई राजनेता उन्हें फोन करके छुड़ा ही लेगा। तो बताइए ऐसे माहौल में अपराधियों के हौसले क्यों ना बुलंद हो वह क्यों डरें जब उन्हें सत्ता का भरपूर संरक्षण मिल रहा है। और हर प्रकार की मदद मिल रही है।

इस समय इस देश में चाहे शिक्षा हो चाहे स्वास्थ्य व्यवस्था हो चाहे रोजगार का मुद्दा हो इस पर राजनेता बिल्कुल चर्चा करना नहीं चाहते। एक फिर हम पुरानी फिल्मों का आपके सामने जिक्र कर रहे हैं। आपने देखा होगा 90 के दशक की फिल्मों में जब नेता वोट मांगते हैं तो वह भी बिजली पानी स्वास्थ्य पर चर्चा करते हैं आप देख लीजिए आपको यूट्यूब में ढेर सारे वीडियो मिल जाएंगे।

लेकिन आजकल राजनेताओं ने चुनावी मुद्दों को धार्मिक करण कर दिया है। आजकल चुनाव में स्वास्थ्य बिजली पानी रोजगार पर कोई नेता चर्चा करने को तैयार नहीं है चाहे चुनाव से पहले चाहे चुनाव से बाद। अगर हौसला ही बुलंद करना है तो उन युवाओं का करिए जो युवा पैसे की कमी के कारण अपनी मंजिल तक नहीं पहुंच पाते । इन अपराधियों का हौसला बुलंद करके यह राज नेता सिर्फ वोट बैंक के लिए अपना फायदा कर सकते हैं। और ऐसे कार्यों से सिर्फ माहौल बनाए जा सकते हैं लेकिन इसमें जनता का कोई फायदा नहीं होता है।