यूपी के मेरठ में मात्र 2500 रुपए में ले जाओ कोरोनावायरस नेगेटिव का फेक सर्टिफिकेट ,अगर यही हालत रहे तो कोरोना वायरस संक्रमण पर काबू पाना मुश्किल होगा

यूपी के मेरठ शहर से एक बहुत बड़ी कोरोनावायरस को लेकर खबर आई है। खबर यह है कि अगर आप कोरोनावायरस बीमारी से बचना चाहते हैं तो मात्र 2500 रुपए में आपकी रिपोर्ट कोरोनावायरस नेगेटिव हो जाएगी । यानी 2500 रुपए जमा करो और नेगेटिव सर्टिफिकेट ले जाओ और चले जाओ अपने घरों में । सोचो अभी तो सिर्फ यूपी में इसका खुलासा हुआ है क्या पता और जगह भी ऐसा ही होता हो।

क्या यूपी में इसी तरीके से कोरोनावायरस को कंट्रोल किया जाएगा। यह मामला यूपी के मेरठ शहर के एक प्राइवेट नर्सिंग होम का है जैसे अब सील कर दिया गया है। लेकिन अब सवाल यह है कि जिन लोगों को कोरोनावायरस होने पर 2500 रुपए में नेगेटिव रिपोर्ट करके दी होगी उन्होंने अपने घरों में जाकर कितने लोगों को संक्रमण किया होगा। उन्होंने अपने घर को ही नहीं बल्कि न जाने कितने अन्य बाहरी लोगों को भी कोरोनावायरस संक्रमण किया होगा

दुनिया के देशों में कोरोनावायरस को खत्म करने के लिए अलग-अलग तरीके अपनाए जा रहे हैं। लेकिन जब देश कोरोनावायरस संकट से जूझ रहा है और मामले भी प्रतिदिन बढ़ते ही जा रहे हैं। तो ऐसे हालातों में भी लोग आपदा को अवसर में बदल रहे हैं। लोग अपनी कमाई का जरिया बना रहे हैं। कोई खांसी जुखाम की दवाई को कोरोना की दवाई करके पेश कर रहा है। तो कहीं कोरोनावायरस का 2500 रुपये में कोरोनावायरस नेगेटिव का सर्टिफिकेट मिल रहा है।

और सबसे बड़ी बात यह है कि जो लोग जिन्हें पता है कि वह कोरोनावायरस पॉजिटिव है वे लोग जानबूझकर 2500 रुपये देकर नेगेटिव रिपोर्ट करा रहे हैं। वह लोग भले ही पैसे देकर कोरोनावायरस की रिपोर्ट नेगटिव करा लें लेकिन इस बीमारी से बच नहीं सकते जब तक इसका इलाज ना हो। जब इस नर्सिंग होम का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ और इस मामले में एक केस भी दर्ज हो गया है।

और फिर इस नर्सिंग होम को सील कर दिया गया है उत्तर प्रदेश में पिछले दिनों में कोरोनावायरस के मामले भी बढ़े हैं। और अगर पूरे भारत की बात की जाए तो भारत में कोरोनावायरस के मामले तो लगातार बढ़ ही रहे हैं उन पर अभी तक कोई कंट्रोल नहीं है। लेकिन अगर इस तरीके से हॉस्पिटल फर्जी नेगेटिव रिपोर्ट का सर्टिफिकेट देंगे तो भारत में यही पता नहीं चलेगा कि कोरोनावायरस के कितने संक्रमण लोग हैं।

और अगर इसी तरीके से हॉस्पिटलों में यह गंदा खेल चलता रहा तो भारत में कोरोनावायरस पर काबू करना बहुत मुश्किल हो जाएगा। एक तो वैसे ही भारत संक्रमण में तीसरे स्थान पर पहुंच गया है। भारत से सिर्फ दो देश आगे हैं अमेरिका और ब्राजील। दुनिया के सभी देश कोरोनावायरस को खत्म करने के लिए अलग-अलग दबाई ढूंढने में लगे हैं। लेकिन हमारे देश में कोरोनावायरस को ऐसे खत्म किया जा रहा है। क्या ऐसा कार्य किसी और देश में होता होगा।