कोरोना वायरस : गुजरात में इतनी कम टेस्टिंग क्यों , भारत में गुजरात टेस्टिंग में 11वें नंबर पर , पढ़े पूरी खबर

भारत में कोरोनावायरस अब हर राज्य में तेजी से फैल रहा है और भारत में कोरोनावायरस के कुल मामले 7 लाख 40 हज़ार से पार जा चुके हैं। भारत में हर रोज पच्चीस हजार तक मामले आ रहे हैं। और प्रतिदिन आने वाले आंकड़ों को सरकार नहीं रोक पा रही है। और प्रतिदिन आने वाले आंकड़े भी लगातार बढ़ते जा रहे हैं। विश्व में ब्राजील कोरोनावायरस संक्रमण में दूसरे नंबर पर है।

ब्राज़ील में कुल संक्रमण 16 लाख से ज्यादा है। ब्राजील में प्रतिदिन कोरोनावायरस संक्रमण मामलों की संख्या लगभग 20 हजार है। लेकिन वही भारत में कोरोनावायरस पॉजिटिव आने वालों की संख्या पच्चीस हजार के करीब है। और प्रतिदिन आने वाली संख्या भी लगातार तेजी से बढ़ रही है यह संख्या कम होने का नाम नहीं ले रही है। यदि भारत सरकार इस प्रतिदिन आने वाली संख्या पर कोई रोकथाम नहीं कर पाती है तब भारत कुछ ही दिनों बाद पूरी दुनिया में कोरोनावायरस संक्रमण में दूसरे स्थान पर पहुंच जाएगा।

भारत में कोरोनावायरस की टेस्टिंग में गुजरात 11वें नंबर पर है। लेकिन मृत्यु के आंकड़े में गुजरात तीसरे नंबर पर है। और कोरोनावायरस के संक्रमण के मामले में गुजरात चौथे नंबर पर है। लेकिन सवाल यह है कोरोनावायरस से मृत्यु के आंकड़े में तीसरे नंबर पर होने के बाद भी गुजरात मॉडल में इतनी टेस्टिंग कम क्यों हो रही है। 6 करोड़ 4 लाख से ज्यादा आबादी वाले राज्य में लगभग 4 लाख 18 हजार ही टेस्टिंग हो पाई है

गुजरात के अस्पतालों को लेकर भी गुजरात हाईकोर्ट ने सच्चाई बयां की। गुजरात के अस्पतालों को गुजरात हाईकोर्ट के जजों ने काल कोठरी से बदतर बताया था लेकिन अगली सुनवाई आने के बाद जज साहब को ही हटा दिया गया। भारत में कोरोना वायरस संक्रमण के मामले में गुजरात चौथे नंबर पर है लेकिन फिर भी ना जाने क्यों गुजरात सरकार अभी तक केवल लगभग 4 लाख 18 हजार ही टेस्टिंग कर पाई है

गुजरात में अभी तक लगभग 2000 मौतें हो चुकी हैं और मौतों के आंकड़े में गुजरात भारत में तीसरे नंबर पर है। गुजरात की कम टेस्टिंग पर सवाल इसलिए किया जा रहा है। क्योंकि हमारे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने चुनावी रैलियों में सबसे ज्यादा गुजरात मॉडल का विज्ञापन किया है और गोदी मीडिया भी गुजरात का जिक्र करती है लेकिन कोरोनावायरस के संकट में गुजरात सरकार टेस्टिंग भी ढंग से नहीं कर पा रही है।

एक बात पर गौर करिए जो प्रदेश मृत्यु के आंकड़े में तीसरे नंबर पर हो और कोरोनावायरस संक्रमण के मामले में चौथे नंबर पर हो लेकिन उसकी टेस्टिंग 11वें में नंबर पर है। लेकिन माहौल ऐसा बन चुका है पत्रकार सवाल करें तो उसे देश द्रोही बता दो उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज करा दो। एक बात तो बिल्कुल स्पष्ट है टेस्टिंग कम करने से कोरोनावायरस के मामले कम नहीं हो जाएंगे और अगर ऐसे ही हालात रहे तो कोरोनावायरस को काबू कर पाना बहुत मुश्किल हो जाएगा।